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Science & Technologyमाइक्रोसॉफ्ट कंपनी को बुलंदियों पर पहुंच...
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Trishna .

| Updated on June 17, 2021 | science-and-technology

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को बुलंदियों पर पहुंचाने का मिला इनाम: भारतवंशी सत्या नडेला बने माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन, पहले थे कंपनी के सीईओ

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@viratkumar3750 | Posted on June 17, 2021

जब भी भारतीय मूल के व्यक्ति विदेशों में अपने कार्य की वजह से प्रसिद्ध होते हैं। तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। अक्सर विदेशों में भारतीयों की काबिलियत को बहुत सराहा जाता है। चाहे वह अमेरिका के नासा में काम करने वाले भारतीय साइंटिस्टो की काबिलियत हो या फिर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की काबिलियत हो। पिचाई अपनी काबिलियत के दम पर गूगल के सीईओ बने और उन्होंने गूगल क्रोम को डिजाइन भी किया। इसके साथ ही साथ सुंदर पिचाई गूगल की पैरंट कंपनी अल्फाबेट के प्रमुख भी हैं।

17 जून 2021 का दिन भारतीयों के लिए गर्व का दिन है। क्योंकि इस दिन भारतीय मूल के सत्या नडेला ने एक बहुत बड़े मुकाम को हासिल किया है। ये बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि सत्या नडेला को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने अपना नया चेयरमैन बना लिया है। सत्य नडेला काफी समझदार, बुद्धिमान व कठोर परिश्रम करने वाले एक काबिल व्यक्ति हैं। और उनकी इस काबिलियत का तोहफा आज 17 जून 2021 को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने उन्हें माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का चेयरमैन बना कर दिया है। सत्या नडेला पिछले 7 साल से माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ थे।

दुनियाभर मे अपने सॉफ्टवेयर के लिए मशहूर

सॉफ्टवेयर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने सत्या नडेला को उनकी काबिलियत को देखते हुए चेयरमैन नियुक्त तो किया । परंतु माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन बनने से पहले सत्या नडेला बीते 7 सालों में कंपनी के सीईओ भी थे। उनके कार्यकाल में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने कई मुकाम को हासिल किया। और उन्हें अब इसका इनाम दिया गया है। सत्य नडेला, अब जॉन थॉमसन के स्थान पर चेयरमैन बनेंगे और जॉन थॉमसन फिर से एक बार लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर वापस बनेगे। जॉन थॉमसन को 2014 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का चेयरमैन बनाया गया था। उससे पहले वो इस कंपनी के बोर्ड में लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाते थे।

53 वर्ष की आयु में नडेला को 2014 में माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बनाया गया था। जब सत्या नडेला जब इस पद आए तो माइक्रोसॉफ्ट कंपनी कई तरह की समस्याओ से गुजर रही थी। परंतु सत्या नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट को इन समस्याओ से छुटकारा दिलाया साथ ही साथ इस कंपनी को नई उचाइयो पर भी पहुंचाया। उन्होंने मोबाइल ऐप्लिकेशनंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की डिजाइनिंग पर बहुत काम किया तथा ऑफिस सॉफ्टवेयर फ्रेंजाईजी को भी मजबूती प्रदान की।

सत्या नडेला का कार्यकाल माइक्रोसॉफ्ट के लिए रहा बहुत फायदेमंद। सत्या नडेला के कार्यकाल में माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों की कीमत में सात गुना से अधिक इजाफा हुआ और कंपनी का मार्केट पैक मे लगभग 2 लाख करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में सत्या नडेला से पहले बिल गेट्स और थॉमसन कंपनी के चेयरमैन रह चुके हैं। सत्य नडेला माइक्रोसॉफ्ट कंपनी मे सीईओ बनने वाले तीसरे व्यक्ति होंगे। नडेला से पहले स्टीव बाल्मर कंपनी के सीईओ रहे। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने अपने दिए हुए एक बयान में कहा कि 72 साल के थॉमसन लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के नाते माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में कार्य करते रहेंगे। और सत्या नडेला के सक्सेशन प्लानिंग,बोर्ड ऑपरेशंस, कंपनसेशन, तथा गवर्नेंस को संभालेंगे।

यदि बात सत्य नडेला के जन्म की करे तो सत्या नडेला का जन्म 1967 में हुआ था और उनका जन्म स्थान है हैदराबाद। और उनके माता-पिता के बारे मे बताए तो उनकी माता संस्कृत में लेक्चरर थी व उनके पिता एक प्रशासनिक अधिकारी थे। उन्होंने अपने जीवन की प्रारंभिक शिक्षा हैदराबाद के एक पब्लिक स्कूल से ली थी। उसके बाद की इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की साल 1988 में मनिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से की पूरी की थी । और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की डिग्री हासिल करने के बाद वह अमेरिका चले आए। और उन्होंने सन 1996 में शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनस से एमबीए किया।Article image




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