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Astrologyक्या भगवान जी की मूर्ति गिफ्ट मे देनी चा...
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| Updated on March 10, 2026 | astrology

क्या भगवान जी की मूर्ति गिफ्ट मे देनी चाहिए?

3 Answers
M

@meenakushwaha2225 | Posted on May 5, 2024

आज क़े वर्तमान समय में भगवान की मूर्ति किसी भी दोस्त क़ो गिफ्ट करने का ट्रेंड चला है। आज कल किसी का बर्थडे, एनिवर्सरी या किसी त्यौहार पर एक-दूसरे को भगवान की मूर्ति गिफ्ट करना ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान की मूर्ति किसी को गिफ्ट देना सही है या गलत? इस बारे में सभी लोगों की राय अलग-अलग होती है,लेकिन वृंदावन के प्रसिद्ध संत स्वामी प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में इस बारे में अपने विचार प्रस्तुत किया हैं। भगवान की मूर्ति गिफ्ट करने क़े लिए प्रेमानंद महाराज का कहना है, कि भगवान की मूर्ति किसी को भी गिफ्ट नहीं देना चाहिए और यदि आपको कोई भगवान की मूर्ति गिफ्ट कर रहा है, तो आपको भगवान की मूर्ति गिफ्ट में नहीं लेना चाहिए। इसके साथ ही प्रेमानंद महाराज ने कहा कि यदि मुझे कोई भगवान की मूर्ति गिफ्ट देते है तो वह नहीं लेते है।

 

प्रेमानंद महाराज कहना हैं कि यदि कोई आपको भगवान की मूर्ति गिफ्ट करता है, तो आप भगवान क़े दर्शन करें और भगवान क़ो प्रणाम करें, इसके बाद भगवान की मूर्ति को उस व्यक्ति क़ो वापस लौटा दें। प्रेमानंद महाराज का कहना है कि पूरे भक्तिभाव के साथ सेवा नहीं कर सकते है, तो फिर एक और मूर्ति को विराजमान न करें।प्रेमानंद महाराज कहना है कि भगवान की मूर्ति शो पीस नहीं होती है, जो हम जितनी चाहे उतनी घर पर अपनी मर्जी क़े अनुसार रख सके। प्रेमानंद महराज कहना है कि घर में उतने ही ठाकुर जी मूर्ति रखे, जितनी आप भक्तिभाव क़े साथ सेवा कर सके।


प्रेमानंद महाराज कहना हैं कि हमें गिफ्ट में भगवान की मूर्ति इसलिए नहीं लेना चाहिए क्योंकि हमारे घर में पहले से कई सारे भगवान मंदिर में मौजूद होते है। जिस कारण से हम नए भगवान की पूजा अच्छे से नहीं कर पाते है, इसलिए भगवान की मूर्ति आपको गिफ्ट दे, तो उस व्यक्ति से आप माफ़ी मांगते हुए मूर्ति वापस कर दे।

 

Letsdiskuss

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A

@aanyasingh3213 | Posted on May 6, 2024

चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या भगवान जी की मूर्ति गिफ्ट में देनी चाहिए:-

दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि गिफ्ट लेना और देना दोनों का चलन बहुत समय से चला आ रहा है। जब भी हम किसी की शादी या बर्थडे पार्टी में जाते हैं तो गिफ्ट में कुछ ना कुछ लेकर जरूर जाते हैं। लेकिन वर्तमान समय में देखने को मिल रहा है कि बहुत से लोग भगवान जी की मूर्ति गिफ्ट में दे रहे हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान जी की मूर्ति को गिफ्ट में देना चाहिए या नहीं तो चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं। दोस्तों यदि आपके घर के आसपास कोई नया मंदिर बन रहा है तो आप ऐसे में देवी देवताओं की मूर्तियों का दान कर सकते हैं लेकिन यदि आप किसी पार्टी में जा रहे हैं तो गिफ्ट के तौर पर भगवान की मूर्ति को गिफ्ट नहीं करना चाहिए क्योंकि यदि हम किसी व्यक्ति को उपहार के तौर पर किसी देवी देवता की मूर्ति देते हैं तो इसका मतलब यह होता है कि हम भगवान को अपने घर से दूर कर रहे हैं। इसके अलावा चांदी के सिक्के पर जिन देवी देवताओं के चित्र बने हैं उन्हें भी किसी को गिफ्ट नहीं देना चाहिए क्योंकि इस शुभ नहीं माना जाता है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति आपको गिफ्ट के तौर पर भगवान की मूर्ति देता है तो आपको इस नहीं लेना चाहिए। और उनका दिल रखने के लिए आप उनके द्वारा दी गई मूर्ति को छूकर भगवान जी को प्रणाम करने के बाद उन्हें वापस कर दीजिए और उनसे माफी मांग लीजिए कि हम भगवान की मूर्ति को गिफ्ट में नहीं ले सकते हैं। क्योंकि ऐसे करने से उन्हें बुरा भी नहीं लगेगा और उनका दिल भी खुश रहेगा।

 

 

Letsdiskuss

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R

@rajeshyadav9188 | Posted on March 10, 2026

भारतीय परंपरा और वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान जी की मूर्ति गिफ्ट में देना एक अत्यंत शुभ कार्य माना जाता है, लेकिन इसके साथ कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है। उपहार में भगवान की मूर्ति देना सामने वाले व्यक्ति के प्रति आपके सम्मान और उनके जीवन में सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक है।

मूर्ति भेंट करते समय ध्यान रखने योग्य बातें:

  • गणेश जी की मूर्ति: उपहार के रूप में गणेश जी की मूर्ति सबसे शुभ मानी जाती है। ध्यान रहे कि मूर्ति में उनकी सूंड बाईं ओर (Left side) मुड़ी हुई हो, क्योंकि ऐसी मूर्ति घर में सुख-शांति लाती है।
  • राधा-कृष्ण की मूर्ति: प्रेम और सद्भाव के प्रतीक के रूप में विवाहित जोड़ों को राधा-कृष्ण की मूर्ति देना बहुत अच्छा माना जाता है।
  • भिखारी या नग्न मूर्ति न दें: कभी भी भगवान का ऐसा स्वरूप गिफ्ट न करें जो उदास हो या जिसमें वे युद्ध की मुद्रा में हों (जैसे नटराज या काल भैरव), जब तक कि सामने वाला व्यक्ति साधक न हो।
  • पात्रता का ध्यान: मूर्ति केवल उसी व्यक्ति को दें जो उसकी मर्यादा बनाए रख सके, नियमित सफाई कर सके और उसका अनादर न होने दे।

वास्तु का दृष्टिकोण: वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप किसी के गृह प्रवेश (House Warming) में भगवान की मूर्ति देते हैं, तो यह उनके नए घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। हालांकि, भगवान की ऐसी मूर्तियाँ देने से बचना चाहिए जिन्हें प्राण-प्रतिष्ठित करने की आवश्यकता हो; छोटी और सजावटी मूर्तियाँ ही उपहार के लिए श्रेष्ठ होती हैं।

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