भारतीय परंपरा और वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान जी की मूर्ति गिफ्ट में देना एक अत्यंत शुभ कार्य माना जाता है, लेकिन इसके साथ कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है। उपहार में भगवान की मूर्ति देना सामने वाले व्यक्ति के प्रति आपके सम्मान और उनके जीवन में सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक है।
मूर्ति भेंट करते समय ध्यान रखने योग्य बातें:
- गणेश जी की मूर्ति: उपहार के रूप में गणेश जी की मूर्ति सबसे शुभ मानी जाती है। ध्यान रहे कि मूर्ति में उनकी सूंड बाईं ओर (Left side) मुड़ी हुई हो, क्योंकि ऐसी मूर्ति घर में सुख-शांति लाती है।
- राधा-कृष्ण की मूर्ति: प्रेम और सद्भाव के प्रतीक के रूप में विवाहित जोड़ों को राधा-कृष्ण की मूर्ति देना बहुत अच्छा माना जाता है।
- भिखारी या नग्न मूर्ति न दें: कभी भी भगवान का ऐसा स्वरूप गिफ्ट न करें जो उदास हो या जिसमें वे युद्ध की मुद्रा में हों (जैसे नटराज या काल भैरव), जब तक कि सामने वाला व्यक्ति साधक न हो।
- पात्रता का ध्यान: मूर्ति केवल उसी व्यक्ति को दें जो उसकी मर्यादा बनाए रख सके, नियमित सफाई कर सके और उसका अनादर न होने दे।
वास्तु का दृष्टिकोण: वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप किसी के गृह प्रवेश (House Warming) में भगवान की मूर्ति देते हैं, तो यह उनके नए घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। हालांकि, भगवान की ऐसी मूर्तियाँ देने से बचना चाहिए जिन्हें प्राण-प्रतिष्ठित करने की आवश्यकता हो; छोटी और सजावटी मूर्तियाँ ही उपहार के लिए श्रेष्ठ होती हैं।

