शांता राम की बड़ी बहन थी, शांता का जिकृ रामायण में भी बहुत कम जगह पर हुआ है शांता राजा दशरथ की बेटी थी रामायण के सभी चरित्रों के बारे में लगभग सभी लोग जानते हैं राम के तीन भाई थे लक्ष्मण शत्रुघ्न और भरत शांता को वर्षिनी और उनके पति रोम्पोद ने गोद लिया था, और शांत इन चारो भाई यो की बड़ी बहन थी शांता ऋषि रंग की पत्नी थी जिन्हे एक मात्र ऋषि वंशी राजपूत माना जाता था
- महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के अतिरिक्त दुनियाभर में 300 से ज़्यादा रामायण प्रचलित है। जिनमें कंबन रामायण,अद्भुत रामायण, आनंद रामायण, रामचरित मानस आदि बहुत प्रसिद्ध है। अब तक इन रामायण से पता चला है कि राजा दशरथ के चार पुत्र थे।
- परंतु यदि दक्षिण की रामायण की बात करें तो भगवान राम की एक बड़ी बहन भी थी। जो कि दशरथ की बड़ी पुत्री थी। जिसका नाम शांता था यह दशरथ और कौशल्या की पुत्री थी। लेकिन इनके पैदा होने के कुछ वर्ष बाद ही किसी कारणवश राजा दशरथ ने अंगदेश के राजा सोमपद को इन्हे सौंप दिया। राजा सोमपत की पत्नी कौशल्या की बहन थी।
रामायण तो आप सभी ने देखी होगी जिसमें भगवान श्री राम के जीवन के बारे में विस्तार से बताया गया है और जैसे कि आप सभी जानते हैं कि भगवान श्री राम के तीन भाई थे लक्ष्मण, भरत, और शत्रुघ्न यह तीनों श्री राम के छोटे भाई थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान श्री राम की एक बड़ी बहन भी थी जिनका नाम था सांता। लेकिन इनका उल्लेख रामायण में कहीं पर भी नहीं किया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि जब सांता का जन्म हुआ था तो उनके पिता ने किसी वजह से अंगदेश के राजा सोमपद को सौंप दिया था।
श्री राम की बहन शांता है जिसका जिक्र महाभारत मे विस्तारपूर्वक किया गया है, राम के तीन भाई थे भरत, लक्ष्मण, शतुलघ्न थे, शांता आपने भईयों से उम्र मे बड़ी थी।
शांता महाराजा दशरथ और कौशल्या की सबसे बड़ी बेटी थीं, जिन्हें अंग देश के राजा रोमपद और कौशल्या की बड़ी बहन वर्षिणी गोद लेना चाहती थी क्योकि वर्षिणी की कोई पुत्र या पुत्री नहीं थी। एक बार वर्षिणी आपने पति के साथ कौशल्या के घर गए थी तो उन्होंने मज़ाक मे अपनी बहन कौशल्या से शांता क़ो गोद लेने के लिया बोली थी फिर कौशल्या ने अपनी बहन वर्षिणी क़ो अपनी बेटी शांता क़ो गोद दी थी।






