दीपावली के द्वारा भारतीयों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार होता है यह त्यौहार मनाने का उद्देश्य भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस आए थे और उनके आने की खुशी में पूरे भारत को रोशनी और दियों से भर दिया जाता है। इस दिन पूरा भारत उनके आने की खुशी में जगमगा रहा था। दीपावली को कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है इस बार दीपावली 4 नवंबर को मनाई जा रही है इसको मनाने का उद्देश्य अंधकार को खत्म कर रोशनी से भरना होता है असत्य पर सत्य की विजय प्राप्त की जाती है। अमावस्या की काली रात को दीपों से जगमगाने को दीपावली का त्यौहार कहते हैं। दीपावली का त्यौहार हिंदू समाज के अलावा और भी समाज के लोग मनाते हैं इसीलिए इसका सामाजिक महत्व काफी ज्यादा है। दीपावली "तमसो मा ज्योतिर्गमय" मंत्र को सार्थक करता है क्योंकि इस मंत्र का अर्थ होता है अंधेरे को खत्म कर प्रकाश को लाना।
दीपावली त्यौहार के संबंध में अनेक कहानियां प्रचलित हैं कि श्री रामचंद्र जी वनवास से अयोध्या वापस आए थे सबसे प्रमुख कहानी का आधार यही है लेकिन इसके अलावा और भी प्रसंग है जो लोगों के जेहन में बसे हुए हैं जैसे कि श्री कृष्ण ने दीपावली के दिन नरकासुर का वध किया था।
इसके अलावा जैन धर्म में दीपावली मनाने का मुख्य कारण यह है कि इस दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी जी निर्माण को प्राप्त हुए थे इसलिए जैन धर्म में दीपावली का त्यौहार मनाते हैं।
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