स्वर एक भाषण ध्वनि है जो आपके मुंह के साथ काफी खुली हुई है, एक बोले गए शब्दांश का नाभिक है।
स्वर एंव व्यंजन क्या होते हैं?
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हिंदी भाषा में अक्षरों को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा गया है—स्वर और व्यंजन। ये दोनों मिलकर शब्दों और वाक्यों का निर्माण करते हैं। भाषा को सही तरीके से समझने और लिखने के लिए इनका ज्ञान बहुत जरूरी होता है।
स्वर और व्यंजन हिंदी व्याकरण की नींव हैं।
स्वर क्या होते हैं?
स्वर वे ध्वनियाँ (sounds) होती हैं जिन्हें बोलने के लिए किसी अन्य अक्षर की सहायता की आवश्यकता नहीं होती। इन्हें हम स्वतंत्र रूप से उच्चारित कर सकते हैं।
हिंदी में स्वर इस प्रकार हैं:
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः
स्वरों को बोलते समय मुँह से हवा बिना किसी रुकावट के बाहर निकलती है। इसलिए इन्हें “स्वतंत्र ध्वनि” भी कहा जाता है।
उदाहरण:
आम, इमली, घर (इनमें स्वर की ध्वनि होती है)
व्यंजन क्या होते हैं?
व्यंजन वे ध्वनियाँ होती हैं जिन्हें बोलने के लिए स्वरों की सहायता लेनी पड़ती है। इनके उच्चारण में हवा का प्रवाह रुकता या बाधित होता है।
हिंदी में व्यंजन इस प्रकार हैं:
क, ख, ग, घ, ङ
च, छ, ज, झ, ञ
ट, ठ, ड, ढ, ण
त, थ, द, ध, न
प, फ, ब, भ, म
य, र, ल, व
श, ष, स, ह
उदाहरण:
कमल, घर, फल, भारत (इन शब्दों में व्यंजन का प्रयोग होता है)
स्वर और व्यंजन में अंतर
- स्वर स्वतंत्र रूप से बोले जा सकते हैं, व्यंजन नहीं
- स्वर में ध्वनि खुली होती है, व्यंजन में रुकावट होती है
- स्वर की संख्या कम होती है, व्यंजन अधिक होते हैं
यहां एक और दिलचस्प विषय है जिसका आप आनंद ले सकते हैं: हिन्दी में कितने स्वर और कितने व्यंजन हैं?

