डोमिनियन स्टेट का अर्थ
डोमिनियन स्टेट एक स्वतंत्र राष्ट्र होता है जो ब्रिटिश राष्ट्रमंडल (Commonwealth of Nations) का हिस्सा होता है। डोमिनियन स्टेट्स को ब्रिटिश राजशाही के प्रति निष्ठा रखनी होती है, लेकिन उन्हें अपनी आंतरिक स्वायत्तता और शासन व्यवस्था का अधिकार भी होता है। डोमिनियन स्टेट्स के पास अपनी संसद, सरकार और कानून बनाने का अधिकार होता है।
भारत को डोमिनियन स्टेटस की मांग
भारत में डोमिनियन स्टेटस की मांग सबसे पहले 1928 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने अपनी नेहरू रिपोर्ट में की थी। इस रिपोर्ट में भारत को ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के भीतर एक स्वतंत्र डोमिनियन स्टेट बनाने की मांग की गई थी।
भारत को डोमिनियन स्टेट का दर्जा कब मिला?
भारत को 15 अगस्त 1947 को डोमिनियन स्टेट का दर्जा मिला। यह स्वतंत्रता भारत के लंबे स्वतंत्रता संग्राम का परिणाम था।
डोमिनियन स्टेट का महत्व
डोमिनियन स्टेट का दर्जा भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। इसने भारत को आंतरिक स्वायत्तता और शासन व्यवस्था का अधिकार दिया। डोमिनियन स्टेट बनने के बाद भारत ने अपनी संसद, सरकार और कानून बनाना शुरू किया।
डोमिनियन स्टेट से गणराज्य बनना
भारत 26 जनवरी 1950 को एक गणराज्य बन गया। गणराज्य बनने के बाद भारत ने ब्रिटिश राजशाही से पूर्ण रूप से स्वतंत्रता प्राप्त कर ली।
2023 में डोमिनियन स्टेट की प्रासंगिकता
आज, 2023 में, डोमिनियन स्टेट की अवधारणा अप्रचलित हो गई है। अधिकांश डोमिनियन स्टेट्स अब स्वतंत्र गणराज्य बन गए हैं। भारत भी एक गणराज्य है और ब्रिटिश राजशाही से इसका कोई संबंध नहीं है।
डोमिनियन स्टेट के बारे में कुछ रोचक तथ्य
- भारत के अलावा,अन्य डोमिनियन स्टेट्स में कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड,दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान शामिल थे।
- 1947 में भारत के विभाजन के बाद,भारत और पाकिस्तान दोनों को डोमिनियन स्टेट का दर्जा दिया गया था।
- पाकिस्तान 1956 में एक गणराज्य बन गया।
- भारत 1950 में एक गणराज्य बन गया।






