समास का अर्थ होता है—दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक नया, संक्षिप्त और अर्थपूर्ण शब्द बनाना। समास में शब्दों को मिलाने से उनके बीच के संबंध को छोटे रूप में व्यक्त किया जाता है। इससे भाषा सरल, सुंदर और प्रभावशाली बनती है। उदाहरण के लिए, “राजा का पुत्र” को संक्षेप में “राजपुत्र” कहा जाता है, जो समास का रूप है।
समास के मुख्यतः चार प्रकार माने जाते हैं:
- अव्ययीभाव समास – जिसमें पहला पद अव्यय होता है। (जैसे: प्रतिदिन)
- तत्पुरुष समास – जिसमें दूसरा पद प्रधान होता है। (जैसे: राजपुत्र)
- द्वंद्व समास – जिसमें दोनों पद समान महत्व रखते हैं। (जैसे: माता-पिता)
- बहुव्रीहि समास – जिसमें समास का अर्थ दोनों पदों से अलग होता है। (जैसे: चतुर्भुज – जिसके चार भुजाएँ हों)
इस प्रकार, समास हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है।





