अगर आप सिगरेट पीते हैं या नहीं पीते हैं बावजूद इसके आपको जानना जरूरी है कि ई- सिगरेट क्या होती है और क्यों भारत सरकार ने इसे भारत में बैन कर दिया है?
हम जो साधारण सिगरेट पीते हैं उसके अंदर मौजूद होता है तंबाकू। जब सिगरेट को जलाया जाता है और फिर जब हम उसको पीते हैं तो सिगरेट के धुए के जरिए सिगरेट में मौजूद निकोटीन हमारे फेफड़ों में प्रवेश कर जाता है जो कि हमें सिगरेट पीने का आदी बना देता है। लेकिन कुछ भी कहो यार! सिगरेट पीना तो नुकसानदायक है इसमें कोई दो राय नहीं है।
ई-सिगरेट एक प्रकार की इलेक्ट्रिक सिगरेट है। ई सिगरेट के इतिहास की यदि बात करें तो इस सिगरेट की शुरूआत अमेरिका से हुई है। ई -सिगरेट के अंदर propylese, glycoo, glycernin, nicotine, मौजूद होता है। यह एक ऐसी सिगरेट है जिसके के अंदर निकोटीन liquid के रूप में होता है इसके साथ ही ई -सिगरेट अनेकों फ्लेवर्स के साथ बनाई जाती है जिसे पीते वक्त लोगों को लगता है कि वह कोई आम सिगरेट ना पीकर एक अच्छी चीज का सेवन कर रहे हैं।
ई -सिगरेट में अनेकों फ्लेवर मौजूद होने के कारण ई-सिगरेट का टेस्ट बाकी सिगरेटस के मुकाबले अलग व अच्छा होता है।
ई -सिगरेट के अंदर अनेको फ्लेवर मौजूद हैं जिस कारण नौजवान इस उत्पाद की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।
18 सितंबर 2019 को भारत में ई -सिगरेट को हमेशा के लिए बैन कर दिया गया है। युवाओं में बढ़ती ई -सिगरेट के प्रति रुचि को देखकर भारत सरकार ने इसे बैन किया है। हालांकि ई- सिगरेट के नुकसान पहुंचाने वाले परिणाम कम देखने को मिले हैं लेकिन भारतीय युवा ई-सिगरेट के प्रति ज्यादा आकर्षित हो गए थे इसीलिए भारत ने यह फैसला भारतीय नौजवानों के हित में लिया है। ई सिगरेट की एक खास बात यह है कि इससे धुआं नहीं निकलता आमतौर पर ई सिगरेट को तंबाकू छुड़ाने के विकल्प के रूप में देखा जाता है लेकिन इस बात की कोई भी गारंटी नहीं है कि इससे नुकसान नहीं होता है ।






