हम आपको बताते हैं की रीजनिंग क्या है। दोस्तों अपने रीजनिंग का नाम तो सुना ही होगा कि क्योंकि यह कई कॉम्पिटेटिव एक्जाम में पूछी जाती है जैसे कि पुलिस के एग्जाम में, यूपीएससी के एग्जाम मे, एस आई के एग्जाम में, इसके अतिरिक्त रेलवे और ऐसी कई सरकारी भर्तियां हैं जिनमें रीजनिंग पूछी जाती है।चलिए हम आपको बताते हैं रिजॉनिंग आखिर है क्या और उसमें क्या-क्या पूछा जाता है और रिजनिंग के अंदर क्या-क्या होता है।
रीजनिंग - रीजनिंग एक तर्क शक्ति क्षमता है जिसमें आप अपने विचारों के माध्यम से चीजों को समझते हैं तथ्यों को स्थापित करते हैं व प्रमाणित करते हैं। रीजनिंग कॉम्पिटेटिव एक्जाम का एक सब्जेक्ट होता है जिसे पढ़कर आप कोई भी कॉम्पिटेटिव एक्जाम क्लियर कर सकते हैं। लेकिन याद रहे की कॉम्पिटेटिव एक्जाम में सिर्फ रीजनिंग ही नहीं पढ़ना होता है इसके अतिरिक्त अन्य कई विषय भी होती हैं उन विषयों को भी आपको पढ़ना होगा तभी आप कॉम्पिटेटिव एक्जाम क्लियर कर सकते हैं।लेकिन यहां पर केवल रिजनिंग की बात की गई है इसलिए मैं रीजनिंग के बारे में बता रही हूं। कहने का मतलब है की रीजनिंग में ऐसे सवाल दिए रहते हैं जिनको आप अपने विचारों के माध्यम से हल करते हैं। इनमें कोई सूत्र नहीं होता है और ना ही इनमें कोई मैथमेटिक्स होती है इसमें सिर्फ सोचने की क्षमता होती है।रीजनिंग में मैथमेटिक्स होती है लेकिन बहुत कम होती है। सूत्र भी होते हैं लेकिन वेद सूत्र मैथमेटिक्स के जैसे नहीं होते हैं मैथमेटिक्स से अलग होते हैं।
रीजनिंग के अंदर क्या-क्या होता है- रिजॉनिंग के अंदर चैप्टर होते हैं जिनमें से 40 से अधिक चैप्टर होत है और इन चैप्टर में बेसिक से हाई लेवल के चैप्टर होते हैं। अगर रीजनिंग के चैप्टर की बात की जाए तो रीजनिंग के चैप्टर में सिमिलैरिटी एनोलॉजी, क्लासिफिकेशन, कोडिंग डिकोडिंग, सीरीज टेस्ट, क्लॉक,कैलेंडर,क्यूब मैट्रिक्स,स्कोरिंग नंबर मैट्रिक्स, अल्फाबेट मैट्रिक्स,वर्ल्ड फ्रेमिंग,वर्ल्ड अरेंजमेंट, रैंकिंग, सीटिंग अरेंजमेंट, मैथमेटिकल रीजनिंग, नंबर पजल, साइकोलॉजी रीजनिंग, एनालिटिक रीजनिंग, ब्लड रिलेशन आदि शमील होते हैं।
इनमें से अगर बेसिक चैप्टर की बात की जाए तो ब्लड रिलेशन, कोडिंग डिकोडिंग,दिशा ज्ञान इत्यादि बेसिक चैप्टर होते हैं।
वैसे रीजनिंग की बात की जाए तो रीजनिंग कोई कठिन सब्जेक्ट नहीं होता है अगर आप इसको सही ढंग से पढ़ते हैं।

