“ॐ” (ओम्/ऊँ) एक पवित्र ध्वनि है और इसे लिखने के दो प्रचलित तरीके हैं—“ॐ” और “ऊँ”।
संस्कृत में सही और पारंपरिक रूप “ॐ” माना जाता है, जो “ओ” + “म्” (AUM) का संयुक्त रूप है। यह सबसे अधिक शुद्ध और धार्मिक ग्रंथों में इस्तेमाल होता है।
वहीं “ऊँ” हिंदी में उसी ध्वनि को सरल तरीके से लिखने का रूप है, ताकि उच्चारण समझने में आसानी हो।
“ओ3म्” लिखना सही नहीं माना जाता, यह गलत तरीका है।





