बेगूसराय से कन्हैया कुमार के जीतने के कितने प्रतिशत चांस है? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

भाषा


A

Anonymous

Teacher | पोस्ट किया |


बेगूसराय से कन्हैया कुमार के जीतने के कितने प्रतिशत चांस है?


0
0




pravesh chuahan,BA journalism & mass comm | पोस्ट किया


मैं आपको बताना चाहूंगा कि आपने जो प्रश्न पूछा है.आपके इस प्रश्न में ही आपका उत्तर भी है| अब आप सोच रहे होंगे कि प्रश्न में ही उत्तर भला हो सकता है क्या? इस बात को पूरी तरह से समझने के लिए कृपया मेरे इस उत्तर को पूरा जरूर पढ़ें| एक समय था जब कन्हैया कुमार को कोई भी नहीं जानता था| लेकिन अब वहीं कन्हैया कुमार को सब लोग पहचानने लग गए हैं| इसका सबसे बड़ा कारण कन्हैया कुमार पर जेएनयू में लगे देशद्रोही मामले को नहीं माना जा सकता| हां वह अलग बात है कि कुछ विरोधी देशद्रोही वाली बात को ज्यादा महत्व देते हैं| 

आज कन्हैया कुमार केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को सीधा टक्कर देते हुए नजर आ रहे हैं| सीधा टककर दे रहे हैं इनकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसी को माना जा रहा है| लोकप्रियता है! तभी तो आपने भी यह सवाल पूछना चाहा आखिर कन्हैया कुमार के बेगूसराय से जीतने के कितने प्रतिशत संभावनाएं हैं| कन्हैया कुमार के साथ बेगूसराय की पूरी जनता है| कन्हैया कुमार के पास प्रचार करने तक का भी पैसा नहीं था| यह पूरा पैसा बेगूसराय की जनता ने कन्हैया को दिया.ताकि कन्हैया उन्हीं के पैसोे से उनके(बेगूसराय)अधिकारों के लिए लड़ सके| यह बात तो आप भी भली भांति जानते हैं कि केंद्रिए मंत्री गिरिराज सिंह कहीं भी वोट या यूं कह ले की (उनके शब्दों में) हाथ फैलाने नहीं जाते थे| वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अपने आलीशान एसी वाले दफ्तर से निकलकर बेगूसराय की कड़कती धूप में घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं| आप भी इस बात से परिचित है कि एसी मे रहने वाले लोग ज्यादा देर तक कड़कती धूप का सामना नहीं कर सकते यह नॉर्मल सी बात है कि जीतने के बाद वह फिर से अपने अालीशान एसी वाले दफ्तर से दोबारा कभी भी बाहर  कड़कती धूप का सामना करने नहीं आएंगे| यह डर नहीं है तो क्या है| यह डर ही कन्हैया कुमार के जीतने की संभावनाओ को बढ़ाता है आज ऐसी क्या स्थिति पैदा हो गई है कि वह घर घर जाकर वोट मांग रहे हैं|सोचिए एक केंद्रिए मंत्री घर घर जाकर वोट मांग रहा है इसका मतलब कि कन्हैया कुमार उस को कड़ी टक्कर दे रहा है| 

 बेगूसराय में मुस्लिम और ओबीसी से कहीं ज्यादा भूमिहार वोट मायने रखता है. अधिक आबादी होने के चलते अब तक सबसे ज्यादा भूमिहार उम्मीदवार ही जीतते आये हैं. बेगूसराय में 19 लाख वोटर हैं जिनमें 19 फीसदी भूमिहार, 15 फीसदी मुस्लिम, 12 फीसदी यादव और 7 फीसदी कुर्मी समुदाय के लोग हैं.कन्हैया कुमार और गिरिराज सिंह दोनों भूमिहार हैं. यह तो आप ही जानते हैं कि बीजेपी को मुस्लिम वोट बिल्कुल भी  समर्थन नहीं करती | अगर ईवीएम की गड़बड़ी सामने नहीं आई तो कन्हैया कुमार के जीतने की संभावना ज्यादा है|

LetsdiskussSmiley face


0
0

Picture of the author