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shweta rajput· 5 years ago
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वैदिक काल में ग्राम (गाँव) क्या था?

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Answered on03/11/26

प्राचीन भारतीय इतिहास में वैदिक काल के दौरान, 'ग्राम' (गाँव) समाज और प्रशासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बुनियादी इकाई थी। यह केवल घरों का समूह नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित सामाजिक और राजनीतिक ढांचा था।

वैदिक ग्राम की मुख्य विशेषताएं और संरचना:

  • प्रशासनिक इकाई: वैदिक काल में कई परिवारों (कुल) के समूह को मिलाकर एक 'ग्राम' बनता था। ग्राम का प्रमुख 'ग्रामणी' कहलाता था, जो युद्ध के समय सैन्य नेतृत्व करने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों की देखरेख भी करता था।
  • सामाजिक जीवन: ग्राम के लोग आपस में रक्त संबंधों या समान हितों से जुड़े होते थे। ग्राम की सुरक्षा और सामूहिक निर्णय लेने के लिए 'सभा' और 'समिति' जैसी संस्थाओं का महत्व था, जिसमें गाँव के अनुभवी लोग भाग लेते थे।
  • अर्थव्यवस्था: वैदिक ग्राम मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन पर आधारित थे। गायों को अत्यंत पवित्र और संपत्ति का मुख्य स्रोत माना जाता था। ग्राम की भूमि को अक्सर 'खिला' (चारागाह) और कृषि योग्य भूमि में विभाजित किया गया था।
  • सुरक्षा: गाँवों की सुरक्षा के लिए अक्सर बाड़ लगाई जाती थी। ऋग्वेद में गाँवों के आपसी सहयोग और सामूहिक उत्सवों का भी वर्णन मिलता है।

निष्कर्ष: संक्षेप में, वैदिक ग्राम आत्मनिर्भर थे और वहां का जीवन सादगी, प्रकृति प्रेम और सामूहिक शासन व्यवस्था का एक आदर्श उदाहरण था। यही वह आधार था जिसने आगे चलकर बड़े जनपदों के निर्माण में भूमिका निभाई।

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Answered on07/31/22

वैदिक काल में पंचों को परमेश्वर माना जाता था. वह लोग जो भी निर्णय करते थे उन्हें गांव वालों को मानना पड़ता था। इस काल में गांव का प्रमुख ग्रामीण नाम से जाना जाता था। शासन की सबसे छोटी इकाई गांव होती थी।सल्तनत काल मुगल काल में भी सबसे छोटी इकाई गांव की थी.। इस काल में लोग आपस में मिल जुल कर रहते थे। एक दूसरे के साथ वक्त पड़ने पर काम आते हैं। पंचायत में चार प्रमुख अधिकारी हुआ करते थे मुकद्दाम, पटवारी,चौधरी, और चौकीदार इन्हीं लोगों के द्वारा गांव के निर्णय लिए जाते थे.।Article image

Krishna Patel
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Answered on10/30/21

इस युग में गांव का प्रमुख नाम ग्रामिक या ग्राम के नाम से जाना जाता था, सभी ग्राम का चयन सरकार द्वारा किया जाता था , उसे सरकारी कर्मचारी नाम से जाना जाता था। यह गांव की सबसे छोटी यूनिट होती है । ग्राम के मेन अधिकारी को महतर अथवा भाजक भी कहते थे। सल्तनत काल में भी सबसे छोटी इकाई गांव को ही कहा जाता था! और सभी गांव के निर्णय उस गांव के सरपंच द्वारा लिए जाते थे!Article image

preeti  patel
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