भारत का सबसे सुंदर पक्षी मोर है,क्योंकि मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। मोर क़ो 26 जनवरी 1963 क़ो भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित कर दिया गया था। मोर के शरीर मे नीले, काले रंग के धब्बे पाये जाते है और मोर के पंख देखने मे बहुत ही खूबसूरत नज़र आते है, मोर की दो आंखे, दो पैर होते है। मोर ज्यादा ऊंचाई मे उड़ नहीं सकता है लेकिन अपने पंख की मदद से 3-5 फिट ऊंचा उड़ लेता है क्योंकि मोर के शारीरिक वजन अधिक होता है।
मोर के पंखे मे 200 रंग के चमकीले पंख पाये जाते है, उनके पंखो क़ो भगवान श्री कृष्ण अपने सिर मे मुकुट के रूप मे लगाते है। साथ ही मोर के पँख घर के दवार मे लगाने से घर मे नकारात्मक शक्ति प्रवेश नहीं करती है। मोर के पँख का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा किया जाता है जैसे कि पहले ज़माने के लोग मोर के पंख क़ो स्याही मे डुबोकर कलम की तरह बनाकर लिखते थे,
मोर शिव जी के बेटे कार्तिकेय का वाहन भी माने जाते है क्योंकि कार्तिकेय पृथ्वी लोक कही पर भी जाते थे तो मोर के ऊपर बैठकर ही पृथ्वी लोक की परिक्रमा करते थे। मोर ज्यादातर अपने झुंड मे रहना पसंद करते है, लेकिन मोर ज्यादा तेज हवा मे नहीं रह सकते है। मोर मांसाहारी तथा शाकाहारी दोनों तरह के होते है, मोर ज्यादातर जंगलो मे देखने के लिए मिलते है। मोर भोजन के रूप मे बीज, अकशेरूकीय जीवो मे उभयचर,सरीसृप जीवो क़ो खाकर पेट भरते है।
Loading image...
मोर की जीवनकाल आयु 20से 25 वर्ष तक होता है, मादा मोरनी एक बार मे 5से 6 अंडे देती है और मोरनी अंडे देने के लिए कोई घोंसला नहीं बनाते है बल्कि वह किसी सुरक्षित जगह पर अंडे देती है। और अंडो की देखभाल अच्छे से करती है और लगभग 15से 30 दिन मे अंडो से छोटे -छोटे बच्चे निकलते है, बच्चों का पालन -पोषण उनकी माँ करती है। ज़ब तक बच्चे बड़े नहीं हो जाती है, मादा मोरनी अपने बच्चों क़ो फल, बीज के दाने लाकर खिलाती है।