पैगंबर मोहम्मद साहब के काल में दत्त ब्राह्मणों का राजा राहिब सिद्ध थे शिद्दत को कोई औलाद नहीं थी तब इमाम हुसैन दत्त को अपने नाना पैगंबर साहब के पास ले गए तब पैगंबर साहब ने दत्त को एक एक कर के साथ बेटों का आशीर्वाद दिया पुत्र रत्न की प्राप्ति के बाद शिवदत्त पैगंबर साहब के खानदान के भक्त हो गए यही कारण है कि इमाम हुसैन के पिता हजरत अली के विरुद्ध लड़ी गई जमाल की जंग में खजाने की सुरक्षा की जिम्मेदारी दत्त ब्राह्मणों के सशस्त्र दस्ते को सुपुर्द की गई थी राहिब दत्त इमाम हुसैन का आसान नहीं भूले थे 10 अक्टूबर 680 ईसवी को कर्बला की घटना घटी थी जिसमें दत्त को पता चला कि दजीदी सैनिक इमाम हुसैन का सर लेकर कूफा शहर जा रहे हैं तब अपने सैनिकों के साथ मिलकर इमाम हुसैन का सर छीन लिया और इमाम हुसैन का बदला लिया यही दत्त ब्राह्मण हुसैनी ब्राह्मण कहलाए
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Kush Kumar· 5 years ago
Simplifying learning through practical guides, educational resources, and easy-to-understand explanations.हुसैनी ब्राह्मण कौन हैं और इनकी कर्बला की लड़ाई से क्या ताल्लुक़ है?
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Answered on10/11/21
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