विद्या और बुद्दी मै मै दोनो को एक समान मानता हु दोनो एक दूसरे मै श्रेष्ट है यानी दोनो एक दूसरे मै पूरे है और दोनो ही एक दूसरे के बिना अधूरे है, विद्या तभी संभव है जब बुद्धि उस विद्या को समझ सके उसे समझने की समता रखे, अगर बुद्धि अच्छी हौ समझने सोचने की समता अच्छी है और उस बुद्धि को विद्या का ज्ञान प्राप्त नही हुआ तो बुद्धि व्यर्थ है
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| Updated on July 25, 2023 | entertainment
विद्या और बुद्धि दोनों में आप किसे श्रेष्ठ मानते हैं और क्यों ?
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@saurabhkumar9631 | Posted on June 10, 2021
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चलिए हम आपको बताते हैं कि विद्या और बुद्धि में श्रेष्ठ क्या है और क्यों इसकी पूरी जानकारी देते हैं तो सबसे पहले मैं आपको बता दूं कि विद्या और बुद्धि दोनों एक दूसरे के परे हैं यदि आपके अंदर विद्या को अर्जित करने के लिए श्रेष्ठ बुद्धि है तो आप विद्या को आसानी से अर्जित कर सकते हैं और यदि आपके पास विद्या है तो आप बुद्धिमान ही कहलाएंगे इसलिए विद्या और बुद्धि में कोई श्रेष्ठ नहीं है बस इसके लिए हमारे अंदर विद्या और बुद्धि को अर्जित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ बुद्धि होनी चाहिए।

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