दिल्ली सल्तनत के शासक जलालुद्दीन फिरोज़ खिलजी की हत्या उनके ही भतीजे और दामाद अलाउद्दीन खिलजी ने की थी।
यह घटना सन् 1296 ई. में हुई थी और इसे सत्ता के लिए किए गए एक बड़े षड्यंत्र के रूप में देखा जाता है। कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी ने जलालुद्दीन को भरोसे में लेकर मिलने के लिए बुलाया। जब वे उससे मिलने पहुंचे, तो उसने मौके का फायदा उठाकर उनकी हत्या कर दी। इस हत्या के पीछे मुख्य कारण सत्ता प्राप्त करना था, क्योंकि अलाउद्दीन खुद सुल्तान बनना चाहता था।
जलालुद्दीन खिलजी अपने समय के अपेक्षाकृत उदार और दयालु शासक माने जाते थे, लेकिन उनके इसी स्वभाव का फायदा उठाकर उनके साथ विश्वासघात किया गया। इस घटना के बाद अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली की गद्दी संभाली और एक शक्तिशाली शासक के रूप में उभरा।
