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Jonny Smith· 2 years ago
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लखनऊ शहर के पहले राजा कौन थे?

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Answered on03/31/24

दोस्तों आप सभी लखनऊ शहर के बारे में तो जानते ही होंगे। क्योंकि लखनऊ शहर उत्तर प्रदेश की राजधानी है। इसके अलावा लखनऊ को नवाबों के शहर के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लखनऊ शहर के पहले राजा कौन थे। शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

 

आज यहां पर हम आपको बताने वाले हैं कि लखनऊ शहर के पहले राजा कौन थे:-

दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि लखनऊ को प्राचीन काल में लखना नाम से जाना जाता था। मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि लखनऊ शहर की पहली राजा नवाब आसफ़ुद्दौला थे।

 

चलिए अब हम आपको बताते हैं कि लखनऊ को नवाबों का शहर क्यों कहा जाता है:-

दोस्तों लखनऊ को नवाबों का शहर इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां का रहन-सहन, खानपान,भाषा, इमारतें, पहनावा आदि में राजसी जीवन की झलक दिखाई देती है। यही वजह है कि लखनऊ को नवाबों का शहर कहा जाता है। इसके अलावा इस शहर पर कई अरसों तक नवाबों का शासन रहा।

 

चलिए हम आपको लखनऊ शहर के बारे में कुछ रोचक जानकारी देते हैं:-

दोस्तों लखनऊ शहर का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन चारबाग है इसे भारत के सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशनों में से एक माना जाता है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर ही भारत देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी की पहली बार मुलाकात भी हुई थी।

 दोस्तों हुसैन बाद का लखनऊ घंटाघर भारत का सबसे ऊंचा क्लॉक टावर है। जिसे 130 मीटर ऊंचा बनाया गया है। इस टावर को देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।

 भारत में पहले सीसीटीवी शहर के रूप में जाना जाने वाला शहर लखनऊ शहर है। इसके अलावा हमारे भारत देश का लखनऊ शहर सबसे अधिक निगरानी  वाला और उच्च निगरानी वाला शहर है।

 

 

 

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Answered on04/01/24

मुस्कुराइये आप लखनऊ मे है.... यह कहावत  तो आपने सुनी  ही होगी। ऐसा क्यु कहा जाता हैं क्या आपने कभी सोचा है? 

दरअसल, लखनऊ को तहजीबो का और नवाबो का शहर माना जाता है। यहा कई नवाबों मे शासन किया जिसकी वजह से इसे नवाबों के शहर होने का खिताब मिला। 

 

कहा जाता है कि भगवान राम ने लक्ष्मण जी को भेंट स्वरूप यह शहर दिया था तब इसका नाम लक्ष्मणपुर था। इसके बाद 1775 ईस्वी मे इस शहर का विस्तार आसफ़उद्दौला ने किया और शासन किया। इसक बाद कई नवाबों जैसे शुजाउद्दौला, सआदत, सफदरगंज, नासिरुद्दीन हैदर, मुहमद अली शाह और अंतिम शासक वाजिद अली शाह रहे।

 

लक्ष्मणपुर के बाद इसका नाम अवध और फिर इसका नाम लखनऊ पड़ा ।

 

लखनऊ की संस्कृति से सभी परिचित है । यहाँ का मशहूर चारबाग रेलवे स्टेशन विश्व भर मे प्रसिद्ध है। इसे इस तरह से बनाया गया है कि यह देखने मे शतरंज की बिसात जैसा नजर आता है । 

 

कहाँ जाता है महात्मा गाँधी और जवाहर लाल नेहरू जी की पहली मुलाकात यही हुई थी।

 

यहा के इमामबाड़े की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है इसकी संरचना देखने लायक है यह इमारत बिना किसी खंबे के सहारे खडी है। 

 

लखनऊ को STD कॉल से सबसे पहले जोड़ा गया था ताकि भारत के अन्य राज्यो के आपरेटरो को भी इससे जोड़ा जा सके। 

130 मीटर ऊँचा घंटा घर भारत का सबसे बड़ा घंटाघर कहा जाता है। 

 

लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के बारे मे तो आपने सुना ही होगा।  यह पार्क एशिया का सबसे बड़ा पार्क कहलाता है यहा घूमने के लिए हर साल दुनिया भर से लोग आते है। 

 

यहाँ बहने वाली गोमती नदी पूजा , पाठ और अनुष्ठानो के लिए प्रसिद्ध है। इस नदी मे देवीय पत्थर जो की सफेद रंग का होता है काफी शुभ और फलदायी माना जाता है। इस पत्थर को गोमती चक्र कहा जाता है। इसे विष्णु दोषों को दूर करने का मार्ग बताया जाता है। 

 

 

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komal Solanki
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