भारत मे उपनिवेशवाद के आर्थिक आलोचना रानाडे तथा आर.सी.दत्त थे और वे ब्रिटेन से भारतीय पूंजीवाद औद्योगिकीकरण की अपेक्षा रखी। किंतु उपनिवेशवादी आर्थिक नीतियों से संतुष्ट नहीं थे और बाद मे परिणाम में उन्होंने 19 वीं शताब्दी के अंत में उपनिवेशवाद की भयंकर अधिक आलोचना की थी। और उपनिवेशवाद का मूल तत्व आर्थिक शोषण से निहित है उपनिवेशवाद के प्रथम चरण जिसकी शुरुआत प्लासी के युद्ध के बाद होती है और ये ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय व्यापार पर पूर्ण रूप से कब्जा कर लिया था जिससे 19 वी शताब्दी के उत्तराद्धर्द में भारत में बड़े पैमाने पर आधुनिक उद्योगो कि स्थापना कि गई थी.।.jpeg)
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| Updated on October 19, 2021 | education
भारत में उपनिवेशवाद के आर्थिक आलोचक कौन थे?
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