चलिए दोस्तों अब हम आपको बताते हैं की माता दुर्गा किसका अवतार थी।
दोस्तों आप सभी जानते हैं की नवरात्रि हर वर्ष मे दो बार आती है। नवरात्रि में माता दुर्गा की पूजा की जाती है ऐसा माना जाता है कि इस समय माता दुर्गा हर स्थान पर विराजमान होती है इसलिए लोग अपने-अपने घरों में मां दुर्गा की मूर्ति रखते हैं और नियम अनुसार पूजा,पाठ, आरती करते हैं। इतना ही नहीं यहां तक की कई घर के लोग तो नवरात्री मे मां दुर्गा का व्रत भी रखते हैं। मा दुर्गा के लाखों करोड़,श्रद्धालु होते हैं। दोस्तों मां दुर्गा की पूजा तो सभी कोई करता है पर किसी को यह नहीं पता होता है की मां दुर्गा किसका अवतार थीं।
मां दुर्गा माता पार्वती की अवतार थी। इसलिए माता दुर्गा जब भी अवतार लेती है भगवान शिव जी से विवाह करते हैं। मां दुर्गा भगवान शिव की शक्ति है और उनकी अर्धांगिनी भी हैं।
इसके अतिरिक्त मां दुर्गा ने नौ अवतार लिए हैं और वह नौ अवतार अलग-अलग रूपों में ली है। चलिए हम मां दुर्गा के नव अवतारों के बारे में बताते हैं-
मां दुर्गा का पहला अवतार शैलीपुत्री के रूप में हुआ था और यह अवतार सती के रूप में माना जाता है।
मां दुर्गा का दूसरा अवतार ब्रह्मचारिणी के रूप में हुआ था।
दुर्गा का तीसरा अवतार चंद्रघंटा के रूप में हुआ था इसका मतलब उनके मस्तक पर चंद्र के आकार का तिलक है।
मां दुर्गा का चौथा अवतार कुष्मांडा के रूप में हुआ था। मां दुर्गा का कुष्मांडा नाम इसलिए रखा गया क्योंकि वह उदर से अंड तक अपने अंदर ब्रह्मांड को समेटी हुई है।
मां दुर्गा का पांचवा अवतार स्कंदमाता के रूप में हुआ। स्कंदमाता का मतलब हुआ कि वह स्कंद की माता है इसलिए उनका नाम स्कंदमाता है।
मां दुर्गा का छटवा अवतार कात्यानी के रूप में हुआ था।
मां दुर्गा का सातवां अवतार कालरात्रि के रूप में हुआ। इनका नाम कालरात्रि इसलिए है क्योंकि,यह हर संकट, हर काल का विनाश कर देती हैं।
मां दुर्गा का आठवां अवतार महागौरी के रूप मे हुआ।
नौवा अवतार सिद्ध रात्रि के रूप में हुआ था।


