ब्लू रंग शांति का प्रतीक माना जाता है । कई दशकों पहले एयर लाइन्स मे नीली रंग की सीटो का उपयोग शुरू हुआ। जो आज तक चला आ रहा है। इस रंग का चुनाव इस लिए किया गया क्योकी नीले रंग पर धूल, गंदगी दिखाई नही देती है। इस रंग की सीट को अधिक समय तक उपयोग किया जा सकता है। नीले रंग को विश्वसनियता से जोड़ने के कारण ब्रिटिश सरकार ने इसका चुनाव किया था। 
फ्लाइट के अंदर की सीटें अधिकांशतः ब्लू रंग की क्यों होती हैं?
@setukushwaha4049 | Posted on November 19, 2021
आप में से बहुत लोगों ने हवाई जहाज का सफर किया होगा और कुछ लोगों ने हवाई जहाज सिर्फ फिल्मों या फोटोस में ही देखा है, लेकिन जब भी आप हवाई जहाज के अंदर उसकी सीट देखते हैं तो अक्सर उनका रंग नीला ही रहता है चाहे वह कोई भी एयरलाइंस का हवाई जहाज़ क्यों ना हो तब आप हमेशा सोचते होंगे कि ऐसा क्यों? फ्लाइट के अंदर की सीटें अधिकांश ब्लू रंग की इसलिए होती हैं क्योंकि दशकों पहले जब एयरलाइंस शुरू हुई थी तब उनकी सीट नीले रंग की ही बनती थी, तब से लेकर अभी तक फ्लाइट की सीटें नीली ही बनती हैं। इसका वैज्ञानिक कारण यह भी है कि नीले रंग को विश्वसनीय और सुरक्षा के साथ जोड़कर भी देखा जाता है। शोध यह भी बताता है कि 90% लोग ब्रांड के कलर के आधार पर उसकी ओर आकर्षित होते हैं।

वर्तमान समय में फ्लाइट में सफर करना आम बात हो गई है आप मे से कोई भी फ्लाइट में यात्रा करने गए होंगे तो आपने देखा होगा कि फ्लाइट की सीटों का रंग नीला यानी कि ब्लू रंग का होता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फ्लाइट की सीटों का रंग नीला ही क्यों होता है और भी कोई रंग क्यों नहीं? तो चलिए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण वैज्ञानिकों द्वारा बताया जाता है कि लोग नीले रंग को विश्वासनीयता तथा सुरक्षा के साथ जोड़कर देखते हैं इतना ही नहीं इसके अलावा जो व्यक्ति फोबिया रोग से ग्रसित होता है उसके लिए यह काफी मददगार होता है यही कारण है कि फ्लाइट की सीटों का रंग नीला होता है।

