महाभारत में एक से बढ़कर एक योद्धा थे बचपन में एकलव्य को अभी धन्य कहा जाता था एकलव्य संधि की सेना की तरफ से मथुरा पर आक्रमण करता है यह देख श्री कृष्णा युद्ध पर उतरते हैं और एकलव्य को उसकी उंगलियों के कला से बाण चलाते हुए देखकर बहुत प्रसन्न होते हैं और छल से उसका वध कर देते हैं इसी तरहा एक लव्य का अंत हो जाता है