हर एक रिश्ते मे बहस करना चिल्लाना सही नहीं होता है क्योंकि अक्सर बहस करने से रिश्ते खराब हो जाते है। चाहे वह रिश्ता भाई बहन का हो चाहे पति पत्नी तथा माता -पिता बेटे कोई भी रिश्ता हो यदि उस रिश्ते मे जरा सी भी बहस हुयी तो रिश्तो मे दरार आनी शुरू हो जाती है। बहसबाजी करने का मुख्य कारण रिश्तों को कमज़ोर बनना होता है,जो बिल्कुल सही नहीं है।
1.पति -पत्नी के बीच बहस :- कभी -कभी पति -पत्नी के बीच किसी बात को लेकर एक -दूसरे के ऊपर चिल्लाने लगते है और किसी भी बात को लेकर बहस करना लग जाते है जो कि बिल्कुल सही नहीं है। बहेसबाजी करने से अच्छा है कि दोनों लाइफ पार्टनर आपस मे बैठ कर चिल्लाने और बहस करने के बजाय उस विषय मे बैठकर सोच समझ कर उस बात को वही खत्म कर दे क्योंकि रिश्तों मे दरार हमेशा रिश्तों को खोखली कर देती है जिससे रिश्ते पूरी तरह से खराब हो जाते है।

2.प्रेमी -प्रेमिका बीच बहस :-
चिल्लाने से किसी भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकलता है। कई बार ऐसा होता है कि प्रेमी और प्रेमिका के बीच भी बहुत सी चीजों को लेकर बहेसबाजी होने लगती है जिसके कारण से एक -दूसरे को चिल्लाना शुरू हो जाते है बिना मतलब जाने वही समय जो बहस करने मे गुजरते है वही समय का उपयोग करके उसके पीछे का कारण जान ले तो दोनों के बीच बहस नहीं होंगी और रिश्ते टूटने के बजाय रिश्ते मजबूत बनते है लेकिन आज कल कोई समझना ही नहीं चाहता सब बहसबाजी और चिल्लाना अच्छे से जानते है।

3.माता -पिता और बच्चो बीच बहस :-
माता - पिता और बच्चो के बीच छोटी -छोटी बातो को लेकर बहस होने लगती है। क्योंकि आज कल बच्चे ज्यादातर अपने जीवन के सारे फैसले खुद लेना पसंद करते है क्योंकि अक्सर ऐसा होता है कि बच्चे अपने पसंद से अपना लाइफपटर्न चुनना चाहते है वही बात पे लेकर माता -पिता और बच्चो मे चिल्लाना बहेसबाजी होना शुरू हो जाती है जो कि बिल्कुल सही नहीं है। ऐसे मे आप बहस करने के अलावा इस समस्या को लेकर आपस मे बैठे बात करे और कोई ना कोई समाधान अवश्य निकेलेगा क्योंकि चिल्लाने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता है क्योंकि अक्सर गुस्से और बाहसबाजी करने से रिश्ते टूट जाते है वही आप चिल्लाने के बजाय बैठ कर आराम से बात करके समाधान निकाल सकते है।

4.भाई -बहन बीच बहस :-
भाई -बहन का रिश्ता दुनिया का सबसे अटूट रिश्ता मे से एक माना जाताहैं। क्योंकि भाई -बहन बीच मज़ाक मस्ती नोक झोक होती रहती है लेकिन कभी -कभी ऐसा होता है उनके बीच किसी बात को लेकर गलतफेमली हो जाती है जिसके चलते रिश्तों मे अनबन होने लगती है और बात -बात पर एक दूसरे से चिढ़ने लग जाते है जिसके कारण चिल्लाने लग जाते है जो बहसबाजी का कारण बनता है इससे अच्छा है आप चिढ़ने कर बहस करना सही नहीं होता है, रिश्तों मे कड़वाहट पैदा होती है।

बहसबाजी, चिल्लाने के लिए समय की जरूरत अवश्य पड़ती है और इस भाग -दौड़ की जिंदगी मे हर किसी के पास हज़ारो काम होते है ऐसे कोई नहीं चाहता है कि वह अपना समय पहलतू मे गाबाये। लेकिन कुछ लोग कि तो आदत होती है वह अपनी आदत से मजबूर होते है जिस वजह से वह बात -बात पर बहस करते है उनको बहस किये बिना चैन ही नहीं आता है क्योंकि उनको बहस करके अपना और दुसरो का टाइम बर्बाद करना है उनकी ज़िन्दगी मे समय का कोई मूल्य नहीं होता है इसलिए वह अपना सारा समय चिल्लाने और लोगो से बहेसबाजी करने निकाल देते है जो कि बिल्कुल सही नहीं है।


