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Jonny Smith· 2 years ago
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420 को अशुभ अंक क्यों माना जाता है?

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आम बोलचाल मे प्रयोग किया जाने वाला 420 शब्द बहुत ही प्रसिद्ध है। हमे यदि किसी को गुंडा, बदमाश या फिर चोर कहना है तो हम एक ही शब्द का इस्तेमाल करते है - 420 

 

क्या किसी ने भी यह जानने की कोशिश की आखिर हम 420 अंक का ही प्रयोग क्यु करते है? 

 

दरअसल, 420 कानूनी धारा है जो की गुंडागर्दी, चोरी - डकैती, लूट पाट आदि के लिए बनाया गया है। जब भी कोई व्यक्ति चोरी करता है, बेईमानी या किसी भी प्रकार का ऐसा अपराध करता है जिससे दूसरे  को हानि पहुँचती है उस पर कानूनी कार्यवाही के तहत धार 420 लगाई जाती है। 

 

धारा 420 के अंतर्गत अपराधी को 7 वर्ष की जेल कारावास और उचित जुर्माना भरने की सजा दी जाती है। 

बहुत ही गंभीर स्थिति मे अपराधी को पहले मजिस्ट्रेट के सामने भी पेश किया जाता हैं और कार्यवाही भी की जाती हैं। 

इन्ही सभी बातो की वजह से किसी को भी 420 अंक पसंद नही आता और इसी वजह से अशुभ माना जाता है। 

क्योकि किसी भी व्यक्ति को 420 कहलाना अच्छा नही लगता है। 

 

आम बोली मे यदि हम कह दे के यह तो 420 है तो शायद उसे पसंद ना आये क्योकि 420 का अर्थ धोकेबाज, बदमाश, चोर कुछ भी हो सकता है । 

 

आप को यह जानकर हैरानी होगी के बड़े बड़े होटलो जिनमे कई कमरे होते है जिनमे रुका जा सकता हैं। लेकिन किसी भी होटल मे रूम नंबर 420 नही होता। 

 

420 अंक किसी भी तरह से शुभ नही माना जाता है। सभी लोग इसे आपराधिक गतिविधियों का अंक मानते है। 

कहा जाता हैं पहले होटलो आदि मे 420 अंक नंबर का कमरा होता है लेकिन जितने भी अपराध या गलत काम हुए वह इसी पद्धति नंबर के कमरे मे हुए। इन्ही सब बातो को ध्यान मे रखते हुए इस नम्बर के कमरे को कमरे की गिनती में से हटा ही दिया गया। 

 

 

 

Letsdiskuss

 

 

 

 

Answered by
komal Solanki
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Answered on04/04/24
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अक्सर हम कई लोगों के मुंह से 420 शब्द को सुनते हैं। जो सुनने में काफी आम लगता है लेकिन मैं आपको बता दूं कि 420 शब्द कोई आम शब्द नहीं है। 420 शब्द को अशुभ शब्द क्यों माना जाता है चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

 

दोस्तों मैं आपको बताऊंगी कि क्यों माना जाता है 420 शब्द को अशुभ :-

दोस्तों 420 शब्द को अक्सर उन लोगों के साथ जोड़ दिया जाता है जो लोग ठगी या छल कपट के सहारे अपना काम निकालते हैं। दोस्तों 420 संख्या  भारतीय दंड संहिता की एक धारा है। और यह धारा उन लोगों पर लगाई जाती है जो किसी दूसरे व्यक्ति को धोखा दे, बेईमानी करें, या फिर किसी की संपत्ति हड़प ले। यदि कोई व्यक्ति किसी के साथ इस तरह के काम करता है तो उसे 420 धारा लगाई जाती है। दोस्तों 420 संख्या को अंग्रेजी भाषा में चीटिंग के साथ जोड़ा जाता है। चीटिंग को हिंदी में धोखा कहा जाता है।

 

चलिए दोस्तों हम आपको बताते हैं की धारा 420 लगने पर कितने साल की हो सकती है सजा:-

दोस्तों इस अपराध के तहत अधिकतम 7 साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा आर्थिक दंड भी दिया जा सकता है जिसमें जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यदि कोई व्यक्ति धारा 420 में दोषी पाया जाता है तो यह गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। और फिर इस पर फैसला लेने की जिम्मेदारी अदालत में जज की होती है। हालांकि इस अपराध में अदालत की इजाजत से पीड़ित व्यक्ति के द्वारा समझौता कर लेने की श्रेणी में रखा गया है।

 

चलिए दोस्तों अब हम आपको बताते हैं कि यदि धारा 420 लगती है तो जमानत कैसे मिल सकती है:-

दोस्तों यदि अपराधी जेल से बाहर निकलना चाहता है तो उसे एक निश्चित राशि जमा करनी होगी। जिसे जमानती धनराशि कहते हैं। इस बंद को कोर्ट में जमा किया जाता है फिर जज  जरा करने के बाद जमानत के बारे में फैसला लेता है। और फिर जज मामले के आधार पर जमानत दे सकता है।

 

 

 

 

Letsdiskuss

Answered by
S
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Answered on04/05/24
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