High blood pressure को “silent killer” इसलिए कहा जाता है क्योंकि कई लोगों को लंबे समय तक कोई symptoms महसूस ही नहीं होते। बाहर से इंसान बिल्कुल normal दिख सकता है लेकिन अंदर ही अंदर blood pressure heart, kidneys और brain पर असर डाल रहा होता है। कई बार लोगों को इसका पता तब चलता है जब serious problem जैसे heart attack या stroke हो जाता है। आजकल stress, unhealthy food, lack of sleep और physical inactivity की वजह से young लोगों में भी BP issues बढ़ रहे हैं। Regular BP check करवाना important माना जाता है क्योंकि शुरुआती stage में control करना comparatively आसान होता है।
दोस्तों आज के वर्तमान समय में ज्यादातर लोगों को बीपी की समस्या होती है। हाई ब्लड प्रेशर का कोई भी लक्षण नहीं होता है कोई लक्षण ना होने के कारण इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ जाती है तो लोगों को अच्छे से नींद ना आना सिर दर्द और बहुत सी समस्याएं होने लगती हैं। इसीलिए समय रहते हाई ब्लड प्रेशर का इलाज करवाना बहुत आवश्यक है समय पर उच्च रक्तचाप का इलाज नहीं करवाते हैं तो इससे आपको दिल से जुड़ी और भी बीमारी हो सकती है ।

वर्तमान समय में भारत में 8 करोड से अधिक लोग हाई बीपी की समस्या से परेशान हैं हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर के नाम से क्यों जाना जाता है दोस्तों हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इससे कोई विशेष लक्षण नजर नहीं आते इस वजह से इसे साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है अक्सर जब भी लोगो के सर में दर्द, अच्छे से दिखाई ना देना की समस्या होती है तो डॉक्टर के पास जाते हैं और पता चलता है कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है।

FDA के रिपोर्ट के मुताबिक हाइपरटेंशन या बीपी सबसे बड़ी साइलेंट किलर बीमारी होती है। यह तब होता है जब रक्त वाहिकाओं की दीवारों के खिलाफ रक्त का बल लगातार बहुत अधिक मात्रा मे होता है, जिससे मरीज क़ो बहुत अधिक नुकसान भी हो सकता है। यदि इसका इलाज समय से नहीं हो पाता है, तो इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक सहित दिल से जुड़े कई बीमारियां हो सकती है।
उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिसके कोई विशेष लक्षण नहीं होते और इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है. विशेषज्ञों का कहना है सिर दर्द, नजर कमजोर होने, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है और नियमित दवाई से ही इसे नियंत्रित रखा जा सकता है. यह लोगों की मृत्यु की भी बड़ी वजह है. पिछले कुछ सालों में बदली जीवनशैली ने लोगों के हाइपर टेंशन को बढ़ाया है. इनमें शारीरिक व्यायाम की कमी, अधिक नमक और बसा वाला जंक फूड, अल्कोहल और तंबाकू के सेवन और मानसिक तनाव आदि कारण हो सकते हैं. समय पर बीपी पर नजर रखकर और उसे नियंत्रित रखकर कम किया जा सकता है. रोजाना 25 से 30 मिनट की कसरत, कम नमक का प्रयोग, कम वसा वाले भोजन के इस्तेमाल से मानसिक तनाव से बचा जा सकता है|