- द्वारिका शहर के समुद्र में डूब जाने का उल्लेख भागवत गीता, विष्णु पुराण, गरुड़ पुराण में देखने को मिल जाता है। और यह पता चलता है कि जब कौरव और पांडव का भीषण युद्ध महाभारत पांडवों की जीत व कौरव की मृत्यु के साथ समाप्त हो गया था।तबश्रीकृष्ण कौरवों की माता गांधारी के पास पहुचे और उनके पुत्रों की मृत्यु का दुख साझा करने लगे तब माता गांधारी ने क्रोध में आकर भगवान श्रीकृष्ण को श्राप दिया और कहा जिस प्रकार मेरे सौ पुत्रों का अंत हुआ है उसी प्रकार यदुवंश का भी अंत हो जाएगा। और इसलिए द्वारिका समुद्र में डूब गई।
| Updated on January 3, 2022 | education
द्वारका का प्राचीन शहर समुद्र में क्यों डूबा था?
@arjunkumar7099 | Posted on May 27, 2021
महाभारत में वर्णित कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि गांधारी के श्राप के कारण द्वारिका नगरी में तबाही हो गई थी और वह समुद्र में डूब गया था। गंधारी दुर्योधन की माता और धृतराष्ट्र की पत्नी थी जब कुरुक्षेत्र में युद्ध हो रहा था तो उसके अंत में उसने अपने 100 बेटों को खो दिया था और जब भगवान श्री कृष्ण अपनी संवेदना लेकर गंधारी के पास गए तो उन्होंने गुस्से में उनसे सवाल किया कि आपने अपनी शक्तियों का प्रयोग करके मेरे पुत्रों की जान क्यों नहीं बचाई तो उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र को श्राप मिला था कि भी अपनी सौ पुत्रों की मृत्यु होने का दर्द सहना पड़ेगा। तभी गंधारी ने क्रोध में आकर भगवान श्रीकृष्ण को श्राप दे दिया की जिस तरह मेरे पुत्रों का विनाश हुआ है उसी तरह तुम अपने द्वारिका का विनाश होते हुए अपनी आंखों से देखोगे और पूरे यादव वंश का विनाश हो जाएगा इसी कारण द्वारका समुद्र में डूब जाती है और द्वारिका का विनाश हो जाता है।
कान्हा के 36 साल द्वारका में रहने के बाद जब भगवान कृष्ण ने अपने प्राण त्याग थे !उसी क्षणउनकी द्वारकानगरीसमुद्रमेंडूब गई और इसी के कारण यादव कुल भी नष्ट हो गया था ! लेकिन महाभारत और गणित पुराण के अनुसार गंधारी के श्राप से द्वारिका समुद्र में डूब गया था। गंधारी धृतराष्ट्र की पत्नी थी और गांधारी नेे ही भगवान कृष्ण को श्राप दिया था की जिस तरह मेरे 100 पुत्र का नाश हुआ है उसी तरह तेरे द्वारका का भी नाश होगा !
द्वारिका शहर का उल्लेख स्कंद पुराण, विष्णु पुराण श्रीमद्भागवत गीता, में मिलता है हिंदुओं की पौराणिक कथा के अनुसार द्वारिका वह शहर जहां भगवान कृष्ण का राज्य माना जाता था। और द्वारिका नगरी गंधारी के श्राप के कारण तबाह हो गई थी गंधारी दुर्योधन की मां और धृतराष्ट्र क़ी पत्नी थी। जब कुरुक्षेत्र युद्ध के पश्चात उसने अंत में अपने 100 बेटों को खो दिया और भगवान श्री कृष्ण अपनी संवेदना देने के लिए गंधारी के पास गए तब उन्होंने गुस्से में उनसे सवाल किया कि आपने अपनी शक्तियों का प्रयोग करके मेरे पुत्रों की जान क्यों नहीं बचाई तो उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र को श्राप मिला था अपने 100पुत्रों के मृत्यु का दर्द सहना पड़ेगा तभी गंधारी ने क्रोध में आकर भगवान श्रीकृष्ण को श्राप दे दिया की जिस तरह मेरे पुत्रों का विनाश हुआ है उसी तरह तुम अपने द्वारिका का विनाश होते हुए अपनी आंखों से देखोगे। तभी द्वारिका नगरी समुद्र में डूब गई थी तहस-नहस हो गई थी.।

