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Dec 28, 2023others

कैसे करें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत और पूजन ?

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4 Answers

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Sep 6, 2023

इस वर्ष जन्मआष्टमी 7 सितंबर को है,जन्माष्टमी के दिन सभी लोग व्रत रखते है। जन्माष्टमी के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करके पूजा घर जहाँ पर श्री कृष्ण जी विराजमान होते है वहां की साफ -सफाई की जाती है उसके बाद कृष्ण जी की पूजा की जाती है।

रात मे 12बजते ही श्री कृष्ण जी का जन्म हुआ था, उनके जन्मदिन पर कई लोग केक काटते है और फिर पूजा की तैयारी की जाती है, श्री कृष्ण जी के लिए झाँकिया तैयार की जाती है और झांकी मे श्री कृष्ण जी को बैठाकर झूला झूलाया जाता है और माखन, लड्डू भोग लगाते है, आरती करते है और रात 12बजे व्रत खोलते है इस तरह से जन्माष्टमी का व्रत और पूजन सम्पन्न होता है।Article image

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Sep 7, 2023

दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत और पूजन कैसे करें। जन्माष्टमी के उपलक्ष पर बहुत से लोग व्रत रखते हैं जो लोग व्रत रहते हैं उन्हें पहले सुबह उठकर स्नान करना चाहिए और फिर घर के मंदिर के साफ सफाई करके भगवान कृष्ण को विराजमान करना चाहिए। उनकी पूजा करनी चाहिए जैसे कि सभी को पता है कि भगवान का जन्म रात 12:00 हुआ था । तो बहुत से लोग रात 12:00 बजने निकाह बेसब्री से इंतजार करते हैं लोग अपने घर में झांकी भी सजाते हैं और पूजा आरती करते हैं लड्डू और मक्खन का भोग लगाते हैं पूजा आरती करने के बाद अपना व्रत खोलते हैं।

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Sep 8, 2023

इस साल सन 2023 में 7 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार पढ़ने वाला है ऐसे में आप जाना चाहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण जी की जन्माष्टमी में पूजन व्रत कैसे करें तो चलिए इसके लिए हम आपको इसकी पूरी विधि बताते हैं जन्माष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें क्योंकि पूजन के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय बहुत ही अच्छा होता है और फिर स्नान ध्यान करके भगवान श्री कृष्ण जी की आरती करें और फिर हरे कृष्णा माला का जप करें ऐसा करने से भगवान श्री कृष्णा जल्दी प्रसन्न होते हैं और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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A
Dec 27, 2023

चलिए जानते हैं कि इस वर्ष जन्माष्टमी के दिन आप कैसे भगवान श्री कृष्ण जी को प्रसन्न करने के लिए उनका व्रत और पूजन कर सकते हैं।

भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के दिन बहुत से श्रद्धालु भक्त व्रत रखकर कान्हा जी की पूजा करते हैं। मैं आपको बता दूं कि इस दिन व्रत रखने के क्या नियम है और श्री कृष्ण की पूजा की विधि क्या है इसकी भी जानकारी देने वाली हूं।

भगवान श्री कृष्ण जी का पूजन और व्रत करना वृतियों के लिए बहुत ही पुण्यदायी होता है। तो चलिए जानते हैं कि आप किस तरह से भगवान श्री कृष्ण जी की पूजन कर सकते हैं और व्रत रखने के नियम क्या है।

यहां पर मैं आपको बताने वाली हूं कि आप किस तरह से जन्माष्टमी का व्रत रख सकते हैं।

मैं आपको बता दूं कि जिस तरह एकादशी के व्रत की शुरुआत दशमी तिथि से होती है इस तरह जन्माष्टमी के व्रत की शुरुआत सप्तमी तिथि से हो जाती है। जन्माष्टमी वाले दिन तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए, और फिर सात्विक भोजन करने के बाद ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। जन्माष्टमी वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान ध्यान कर लेना चाहिए।

स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहने और जन्माष्टमी के व्रत का संकल्प लेना चाहिए।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी का मंत्र जाप करना चाहिए।

जन्माष्टमी वाले दिन आप फलाहार और जलहर व्रत रख सकते हैं।

लेकिन हां सूर्यास्त से लेकर कृष्ण जन्म तक निर्जल रहना होता है।

ध्यान रहे की व्रत के दौरान सात्विक रहना चाहिए।

और शाम के समय पूजा से पहले एक बार स्नान जरूर करना चाहिए।

यहां पर हम आपको बताएंगे कि आप जन्माष्टमी की पूजा कैसे कर सकते हैं।

ऐसी मान्यता है की जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण जी की पूजा अर्चना मध्य रात में करनी चाहिए। जन्माष्टमी के दिन व्रत रखते हुए भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की आराधना करनी चाहिए। मूर्ति स्थापना के बाद उनका गाय के दूध और गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। इसके बाद भगवान जी को मनमोहन वस्त्र पहनाना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण जी को मिठाई, मेवे,धूप, दीप, गंध आदि चीज अर्पित करें। और फिर अंत में बाल श्री कृष्णाण की आरती करने के बाद प्रसाद का बंटवारा करना चाहिए।

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