आर्थिक मोर्चे पर तेल की गिरती कीमतें, अफगानिस्तान युद्ध का भारी खर्च, बाज़ार में सामान की कमी और GDP का लगातार सिकुड़ना। राजनीतिक मोर्चे पर कम्युनिस्ट नेताओं का भ्रष्टाचार, KGB की दमनकारी निगरानी, और नागरिकों की हर आज़ादी पर पाबंदी। जब 1991 में कट्टरपंथियों का तख्तापलट भी विफल हुआ, तो केंद्र सरकार की वैधता पूरी तरह खत्म हो गई और सोवियत संघ का विघटन अटल हो गया।


Tara VermaTen years in the classroom, shaping minds — bringing the same clarity and purpose to every piece she writes about education.
Updated on03/12/26
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