Updated on03/11/26
भारत पर सीधा असर पड़ा। सोवियत संघ हमारा सबसे बड़ा रक्षा साझेदार था। उसके टूटने से विदेशी मुद्रा संकट गहराया और 1991 में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में ऐतिहासिक LPG सुधार लागू करने पड़े। दुनिया में अमेरिका एकमात्र महाशक्ति बन गया, शीत युद्ध खत्म हुआ और NATO का पूर्व की ओर विस्तार शुरू हुआ, जिसकी परछाईं आज 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध में भी दिखती है।

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