क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है की बारिश में हम चलते हुए ज्यादा भीगते हैं या भागते हुए। क्योंकि कुछ लोगों को लगता है की बारिश में हम चलते हुए ज्यादा भीगते हैं, वहीं कुछ लोगों को लगता है की बारिश में हम भागते हुए में ज्यादा भगाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि एक्सपट्र्स क्या कहते हैं।
भौतिक विज्ञानी फ्रैंको बोच्ची ने अपनी रिसर्च में बताया था की बारिश में भागने से इंसान ज्यादा भीगता है। इसलिए विज्ञान के हिसाब से अगर एकदम से बारिश आती है और आसपास बारिश से बचने का कोई स्थान नहीं मिल रहा है तो आप चलने के बजे एक स्थान पर खड़े रहने पर आप कम से कम भीगेंगे। दरअसल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एक स्थान पर खड़े रहने से शरीर पर बारिश की बूंदे कम पड़ेगी। प्रति सेकंड प्रति वर्ग मीटर में गिरने वाली पानी की बूंद की संख्या एक समान है तो आपके शरीर पर पानी कम गिरेगा। और यह तब होता है जब बारिश एकदम सीधी पड़ रही हो। यदि हवा के साथ तिरछी बूंद गिर रही है तो यह गणित सही साबित नहीं होगी।
और फिर एक रिसर्च में यह भी बताया गया कि यह इस बात पर निर्भर करता है की बारिश की बूंदे किस दिशा की ओर है यदि बारिश की दिशा आपके पेट तरफ है तो आप जितना तेजी से भाग सकते हैं भागिए बहुत कम ही भिगेंगे। और आप जितना धीमी गति से चलेंगे आप बारिश में उतना ज्यादा भीगेंगे।
लेकिन हां एक बात यह भी है की बारिश में भीगने में बहुत ही मजा आता है। लेकिन बारिश का पानी हमारे लिए नुकसानदायक भी होता है क्योंकि जब हम बारिश के पानी में खड़े होकर भीगते हैं तो हमें सर्दी जुकाम लग जाती है। और फिर हमारी तबीयत खराब हो जाती है।






