J
Updated on Mar 24, 2026news-current-topics

भारत में बजट बनाने के प्रमुख चरण क्या हैं?

4
2 Answers

P
Reporting what matters — with 12 years of ground-level journalism behind every s...
Answered on Mar 23, 2026

भारत में बजट तैयार करने की प्रक्रिया एक व्यवस्थित और कई चरणों में पूरी होने वाली प्रक्रिया होती है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा संचालित किया जाता है।

1. प्रारंभिक तैयारी (Budget Preparation)

विभिन्न मंत्रालय और विभाग अपने खर्च और योजनाओं का अनुमान तैयार करके वित्त मंत्रालय को भेजते हैं।

2. चर्चा और समीक्षा (Discussion & Review)

वित्त मंत्रालय इन प्रस्तावों की जांच करता है और प्राथमिकताओं के अनुसार उनमें बदलाव करता है।

3. बजट का मसौदा तैयार करना (Drafting)

सभी आंकड़ों को मिलाकर बजट का अंतिम मसौदा तैयार किया जाता है।

4. मंत्रिमंडल की स्वीकृति (Cabinet Approval)

बजट को कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाता है।

5. संसद में प्रस्तुति (Presentation in Parliament)

बजट को संसद में वित्त मंत्री द्वारा पेश किया जाता है।

6. चर्चा और पारित होना (Approval)

संसद में बजट पर चर्चा होती है और फिर इसे पारित किया जाता है।

7. लागू करना (Implementation)

मंजूरी मिलने के बाद बजट को लागू किया जाता है और योजनाओं पर काम शुरू होता है।

यह पूरी प्रक्रिया देश की आर्थिक योजना और विकास को दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण होती है।

P
ABOUT THE AUTHORPari Deshmukh

Pari Deshmukh is a journalist with over 12 years of experience covering current affairs across print and digital media in India. She holds a Master's degree in Journalism and Mass Communication from Pune University, bringing both academic grounding and extensive field experience to her reporting. Over her career, Pari has reported on national politics, policy developments, social issues, and breaking news events across India. Her work has appeared on platforms including The Print, Scroll.in, and Hindustan Times Digital, where she has built a reputation for factual, balanced, and timely reporting on stories that shape public discourse. With 12+ years in the field, she has covered major national events, conducted ground-level investigations, and interviewed policymakers, civil society leaders, and public figures. Her journalism is driven by one standard — verified facts reported without distortion, regardless of the pressure or pace of the news cycle. She has participated in press panels at the Ramnath Goenka Excellence in Journalism Awards and is a member of the Press Club of India. Her reporting continues to serve readers who need current affairs coverage they can trust.

React
avatar
Updated on Mar 23, 2026

भारत में बजट बनाने की प्रक्रिया एक सुव्यवस्थित और क्रमबद्ध प्रणाली है, जिसमें सरकार की विभिन्न शाखाओं और मंत्रालयों की सहभागिता होती है। यह प्रक्रिया देश की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को निर्धारित करती है। इस लेख में, हम भारत में बजट बनाने के प्रमुख चरणों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

भारत में बजट बनाने के प्रमुख चरण क्या हैं? - Letsdiskuss

पूर्व-तैयारी चरण (Pre-Budget Preparation)


1. राजस्व और व्यय का आकलन

बजट बनाने की प्रक्रिया का पहला चरण पिछले वर्ष के राजस्व और व्यय का विश्लेषण करना होता है। वित्त मंत्रालय इस चरण में यह समझने का प्रयास करता है कि पिछले बजट के तहत क्या सफल रहा और क्या नहीं।

2. मंत्रालयों से सुझाव

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपेक्षित खर्च और योजनाओं के प्रस्ताव मांगे जाते हैं। प्रत्येक मंत्रालय अपनी आवश्यकताओं और योजनाओं को प्रस्तुत करता है, जो बजट के मसौदे में शामिल किए जाते हैं।

3. आर्थिक सर्वेक्षण

बजट से पहले, आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया जाता है। यह सर्वेक्षण देश की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करता है और अगले वर्ष की संभावनाओं पर प्रकाश डालता है। इसमें विभिन्न आर्थिक संकेतकों, जैसे GDP वृद्धि, मुद्रास्फीति, रोजगार दर आदि का विवरण होता है।

बजट का मसौदा तैयार करना (Drafting the Budget)


1. विभिन्न समितियों की समीक्षा

वित्त मंत्रालय द्वारा प्राप्त सभी प्रस्तावों की समीक्षा करने के लिए योजना आयोग (अब नीति आयोग) और व्यय विभाग जैसी विभिन्न समितियां गठित की जाती हैं। ये समितियां प्रस्तावों का मूल्यांकन करती हैं और उनकी प्रासंगिकता पर विचार करती हैं।

2. आय और व्यय का संतुलन

वित्त मंत्रालय संभावित आय (जैसे कर राजस्व) और व्यय के आधार पर बजट का मसौदा तैयार करता है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि आय और व्यय के बीच संतुलन बना रहे।

3. राजकोषीय घाटे का आकलन

बजट तैयार करते समय यह सुनिश्चित किया जाता है कि राजकोषीय घाटा नियंत्रित रहे। सरकार को यह देखना होता है कि वह अपने खर्च को कैसे प्रबंधित कर सकती है ताकि वित्तीय स्थिरता बनी रहे।

प्रधानमंत्री और कैबिनेट की स्वीकृति (Approval by the Cabinet)


1. मसौदे का प्रस्तुतीकरण

वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार बजट मसौदे को प्रधानमंत्री और कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। इस चरण में कैबिनेट सदस्यों से आवश्यक सुझाव लिए जाते हैं।

2. अंतिम रूप देना

आवश्यक सुझावों और संशोधनों को शामिल करने के बाद बजट को अंतिम रूप दिया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी मंत्रालयों की आवश्यकताएं पूरी हों।

बजट का संसद में प्रस्तुतिकरण (Presentation in Parliament)


1. बजट प्रस्तुति

हर वर्ष 1 फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा बजट को लोकसभा में प्रस्तुत किया जाता है। इस प्रस्तुति में सरकार की नीतियों, लक्ष्यों और योजनाओं का विवरण होता है।

2. बजट के दो हिस्से

बजट दो मुख्य हिस्सों में विभाजित होता है:

  • राजस्व खाता (Revenue Budget): इसमें सरकार की आय और व्यय का विवरण होता है।
  • पूंजी खाता (Capital Budget): इसमें पूंजीगत व्यय और ऋण का ब्यौरा होता है।

संसदीय बहस और स्वीकृति (Parliamentary Debate and Approval)


1. सामान्य चर्चा

बजट पर संसद में चर्चा की जाती है। सांसद इस पर अपने विचार व्यक्त करते हैं और आवश्यक संशोधन प्रस्तावित कर सकते हैं।

2. अनुदान की मांग

मंत्रालय अपनी आवश्यकताओं को प्रस्तुत करते हैं, जिन्हें बाद में अनुदान की मांग के रूप में पारित किया जाता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि सभी मंत्रालयों को उनके कार्यान्वयन के लिए आवश्यक धन उपलब्ध हो सके।

3. वित्त विधेयक का पारित होना

बजट लागू करने के लिए वित्त विधेयक और विनियोग विधेयक पारित किया जाता है। यह विधेयक संसद द्वारा अनुमोदित होने पर ही लागू होते हैं।

क्रियान्वयन और निगरानी (Implementation and Monitoring)


1. बजट लागू होना

बजट लागू होने के बाद, मंत्रालय और विभाग अपनी योजनाओं और परियोजनाओं को निधि के अनुसार क्रियान्वित करते हैं।

2. निगरानी प्रणाली

व्यय और राजस्व संग्रह की निगरानी की जाती है ताकि बजट लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। इसके लिए विभिन्न निगरानी तंत्र स्थापित किए जाते हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि धन का उपयोग सही तरीके से हो रहा है।

निष्कर्ष

भारत में बजट बनाने की प्रक्रिया एक जटिल लेकिन महत्वपूर्ण कार्य है जो देश की आर्थिक दिशा को निर्धारित करती है। यह प्रक्रिया न केवल वित्तीय प्रबंधन का एक उपकरण है, बल्कि यह सामाजिक कल्याण और विकास के लिए भी आवश्यक होती है। प्रत्येक चरण का अपना महत्व होता है, जिससे सुनिश्चित होता है कि देश के आर्थिक संसाधनों का प्रभावी और संतुलित उपयोग हो सके।इस लेख में हमने भारत में बजट बनाने के प्रमुख चरणों पर विस्तार से चर्चा की। इन चरणों को समझना आवश्यक है ताकि हम जान सकें कि कैसे सरकार अपने वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन करती है और किस प्रकार से देश के विकास में योगदान देती है।

Henry Cavill's avatar
ABOUT THE AUTHORHenry Cavill

🥰 lovely

React