वैज्ञानिक और जैविक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो मनुष्य के शरीर का वह अंग जो आग में सबसे कम प्रभावित होता है और पूरी तरह नहीं जलता, वह है दांत (Teeth)।
दांतों के न जलने के मुख्य कारण:
- इनेमल की कठोरता: दांतों की सबसे बाहरी परत, जिसे इनेमल (Enamel) कहा जाता है, मानव शरीर का सबसे कठोर ऊतक (Tissue) है। यह मुख्य रूप से 'हाइड्रॉक्सीपैटाइट' नामक खनिज से बना होता है।
- उच्च ताप सहने की क्षमता: इनेमल और उसके नीचे की परत 'डेंटिन' अत्यधिक उच्च तापमान (लगभग 1000 से 1100 डिग्री सेल्सियस तक) को सहन कर सकते हैं। चिता की अग्नि या सामान्य आग का तापमान अक्सर इससे कम होता है, जिससे शरीर का मांस और हड्डियाँ तो राख हो जाती हैं, लेकिन दांत सुरक्षित बच जाते हैं।
- फॉरेंसिक महत्व: इसी विशेषता के कारण, दुर्घटनाओं या आगजनी की घटनाओं में जब शव की पहचान करना मुश्किल होता है, तब फॉरेंसिक विशेषज्ञ दांतों (Dental Records) का उपयोग करके ही व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करते हैं।
नाखूनों के बारे में भ्रम: कुछ लोग 'नाखून' को भी इसका उत्तर मानते हैं, लेकिन यह गलत है। नाखून किरेटिन (Keratin) प्रोटीन से बने होते हैं और आग के संपर्क में आते ही बहुत जल्दी जलकर राख हो जाते हैं।