सत्यता की समझ रखना ही विश्वास कहलाता है विश्वास व धरना है जो मन में किसी व्यक्ति के प्रति उसकी सत्यता सद्भावना दृढ़ताहितैषीता का अथवा किसी सिद्धांत आदि का ज्ञान होने पर किसी गूणो आदि का निश्चय होने पर उसके प्रति उत्पन्न होने वाला मन का भाव यकीन ही उसका विश्वास होता है विश्वास ही एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से जोड़े रखता है एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति पर भरोसा ही विश्वास कहलाता हैLoading image...
विश्वास क्या है?
जो व्यक्ति सत्य को समझता है उस पर विश्वास किया जा सकता है। विश्वास एक ऐसी चीज होती है जो एक बार किसी पर कर ली जाती है तो उसे कोई भी नहीं तोड़ सकता है और यदि उस पर से एक बार विश्वास टूट गया तो उसे कोई नहीं जोड़ सकता है। विश्वास एक ऐसी चीज होती है जो एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से जोड़ कर रखती है विश्वास एक ऐसा अटूट रिश्ता होता है जिसे तोड़ना बहुत ही मुश्किल होता है अगर हम किसी पर मन के भाव से सच्चे दिल से विश्वास करते हैं तो उसे कोई भी नहीं तोड़ सकता है।Loading image...
* विश्वास एक बहुत ही छोटा शब्द होता है ! लेकिन कोई भी व्यक्ति किसी के ऊपर जल्दी विश्वास नहीं करता है और अगर कोई व्यक्ति किसी के ऊपर विश्वास कर लेता है तो उसका हमेशा उस व्यक्ति पर बना रहता है ! विश्वास कई प्रकार के होते हैं ! जैसे - आत्मा का विश्वास जो एक मां को अपने बच्चों से होता है ! जो एक व्यक्ति को उसके भगवान से होता है !
- सरल विश्वास जो हम आम लोगों से करते हैं !
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