श्रीलंका का भारत से प्राचीन काल से ही अटूट संबंध रहा है। भारत के दक्षिण में हिंद महासागर में भारत से लगा हुआ एक द्वीप है जिसे आज हम श्रीलंका के नाम से जानते हैं। कहते हैं कि इसका पुराना नाम सिलोन हैं, जिसे बाद में बदलकर श्रीलंका रखा गया।
रामायण में बताया गया है कि यह रावण की नगरी लंका थी। यह वही स्थान है जहां सीता माता को रावण ने अपहरण करके रखा था। कहते हैं की लंका के राजा पहले कुबेर थे। बाद में रावण ने कुबेर से जीत कर अपना निवास स्थान बना लिया। माना गया है कि लंका में रावण की सोने की लंका थी। श्रीलंका में अशोक वाटिका, राम- रावण युद्ध भूमि, रावण का शव,रावण के हवाई अड्डे और रावण का महल, रावण की गुफा आदि ऐसे 50 रामायण कालीन स्थलों की खोज की गई है। इसके सबूत भी पेश किए गए हैं। रावण ने कुबेर को हटाकर वहां खुद का राज्य कायम किया। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार श्रीलंका को भगवान शिव ने बनवाया था, लंका का निर्माण भगवान शिव ने माता पार्वती के लिए बनवाया था जिसे विश्वकर्मा जी ने अपने हाथों से तैयार किया। श्रीलंका में बड़ी संख्या में हिंदू निवास करते हैं। श्रीलंका में रह रहे सिंगल जाति का संबंध उत्तर भारतीय लोगों से है। सिंगल भाषा गुजराती और सिंधी भाषा से जुड़ी है। लंका को सिंहल द्वीप भी कहा गया है।
श्रीलंका में भगवान मुरुगन की पूजा की जाती है। वर्तमान समय की बात करें तो श्रीलंका का सबसे बड़ा शहर कोलम्बो हैं। कोलम्बो समुद्री परिवहन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण बंदरगाह हैं। हम आपको बता ही चुके हैं कि श्रीलंका का पुराना नाम सिलोन था। रामायण काल में भी श्रीलंका को सिर्फ लंका ही बताया गया है। लंका के आगे सामान सूचक शब्द "श्री " जोड़कर बाद में श्रीलंका कर दिया गया।

