श्रीलंका का नाम सुनते ही हमारे मन में रावण का नाम आता है। क्योंकि त्रेता युग में श्रीलंका का राजा रावण हुआ करते थे। इसलिए आज हम यहां पर चर्चा करेंगे कि श्रीलंका का पुराना नाम क्या है।
चलिए श्रीलंका के इतिहास के बारे में जानते हैं:-
भारत के दक्षिण में हिंद महासागर मे भारत से ही लगा हुआ एक द्वीप है जिसका नाम श्रीलंका है। जिसकी दूरी भारत से मात्र 32 किलोमीटर की है। हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि श्रीलंका का पुराना नाम सीलोन था। और फिर बाद में इसका नाम बदलकर श्रीलंका रख दिया गया। प्राचीन काल से ही भारत और श्रीलंका का संबंध अटूट रहा है। श्रीलंका में अधिक से अधिक हिंदू लोग निवास करते हैं। हिंदी पौराणिक के अनुसार बताया जाता है कि श्रीलंका को भगवान शिव ने बसाया था।और इन्हीं के आज्ञा से ही भगवान विश्वकर्मा जी ने माता पार्वती के लिए लंका में सोने के महल का निर्माण किया था। और श्री विश्वा ने भगवान शिव जी के भोलेपन का लाभ उठाकर उनसे लंका को दान में मांग लिया था।और इसी की वजह से माता पार्वती ने गुस्से में आकर उन्हें श्राप दिया कि भगवान शिव का अंश एक दिन इस महल को जलाकर कोयला कर देगा और साथ ही तुम्हारे कल का विनाश आरंभ हो जाएगा। जब आप श्रीलंका घूमने के लिए जाएंगे तो आपके यहां एक पर्वत देखने को मिलेगा जिसे लोग श्री पद चोटी के नाम से जानते हैं।और इस पहाड़ पर एक मंदिर भी बसा हुआ है। हिंदू मान्यता के अनुसार यह भी बताया जाता है कि यहां देवों के देव भगवान शंकर जी के पैरों के निशान बने हुए हैं। यदि आज भी आप श्रीलंका में घूमने के लिए जाएंगे तो आपके यहां पर भगवान शिव जी के पैरों के निशान देखने को मिल जाएंगे।
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