आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का तिरुपति क्षेत्र और तमिलनाडु के कई गांव मंदिरों के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन अगर एक गांव में सबसे ज्यादा मंदिरों की बात करें तो तमिलनाडु के कुछ गांवों को “टेम्पल विलेज” कहा जाता है। यहां हर गली में छोटे-बड़े मंदिर देखने को मिल जाते हैं। धार्मिक पर्यटन बढ़ने के कारण इन गांवों की पहचान और भी मजबूत हुई है।
कई गांवों में सैकड़ों साल पुराने मंदिर मौजूद हैं जहां सालभर पूजा और उत्सव चलते रहते हैं। दक्षिण भारत में मंदिर संस्कृति बेहद मजबूत मानी जाती है। यही वजह है कि यहां गांवों की पहचान भी मंदिरों से जुड़ी होती है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी फायदा मिलता है।



