वैसे तो राजनीती में सभी लोग अपनी अपनी गलतियां एक दुसरे पर डालते रहते हैं| बात आम आदमी पार्टी की हो, बी.जे.पी. की हो या कांग्रेस की हो| राजनीती का मतलब है कि हम साफ़ है बस बाकी लोगों से हमें कोई मतलब नहीं| तो इस बार ओडिशा के बालासोर में जो रेल हादसा हुआ उसका जिम्मेदार कौन है? इसके बारें में क्या राय है?
हलाकि न्यूज़ के अनुसार मोदी जी हादसे वाली जगह पहुचें हैं और वह का मुआयना भी किया, इतना ही नहीं घायलों से मिलने भी गए| लेकिन फिर भी आगे क्या? इतने बड़े हादसे के बाद भी सरकार राजनीती करने से बाज नहीं आ रही है| जैसा कि राजनीती का काम है कि एक दुसरे पर ऊँगली उठाना है बस इसी काम में लगी है|

मुझे तो ये बात समझ नहीं आई कि हर जगह राजनीती क्यों घुसा दी जाती है| जैसे: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर जी को ही देख लो, उनका कहना है कि "दुर्घटना स्थल पर रेल मंत्री भी गए, प्रधानमंत्री भी गए। केंद्र के सभी बड़े नेता वहां गए जिसके कारण बचाव कार्य में तेज़ी है|
लेकिन इस हादसे से राहुल जी के चीन की सेना ने अतिक्रमण करने की बात कहाँ से आ गई| इसके साथ ही न जाने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर राहुल जी से किस बात का जवाब मांग रहे हैं| ऐसा क्यों होता है कि जो परिस्थिति है उसको सुधारने की जगह और ज्यादा ख़राब करने पर तुले होते हैं|
ओड़ीशा रेल हादसा एक भारी रेल हादसा था जिसने ओड़ीशा राज्य को झंजजोड़ कर रख दिया| यह हादसा 2 जून 2023 को हुआ| यह हादसा रायगड जिले के पास एक रेलवे स्टेशन पर हुआ, जहां एक ट्रेन ने दूसरी ट्रेन के साथ टक्कर मार दी| दुखद तौर पर, इस हादसे में कई लोगों की मौत हुई और कई लोग बहुत बुरी तरह घायल भी हुए|
इस हादसे की वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुई है| जब यह हादसा हुआ तो उसके तुरंत बाद रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा अधिकारियों ने कार्रवाई की और समय रहते मेडिकल टीम्स को बुलाया| बचाव कार्य काफी संघर्षपूर्ण रहा जिसके कारण कई लोग अपनी जिंदगी खो बैठे और कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए|

इस हादसे ने ओड़ीशा राज्य में रेल यातायात को तो प्रभावित किया ही साथ ही देश भर में भी विरोधी प्रदर्शन की स्थिति भी बना दी और साथ ही रेलवे सुरक्षा पर सवाल भी उठा दिए| और हो भी क्यों न ये हादसा इतना छोटा नहीं है| क्योंकि इस हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई इसकी पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है|
सरकारी अधिकारियों ने इस हादसे की जांच की शुरुआत कर दी है लेकिन अब देखना है ये कि इस हादसे की जिम्मेदार कौन लेता है| क्योंकि मुझे लगता है कि जब तक कोई इस हादसे की जिम्मेदार नहीं लेता तब तक चीज़ों में सुधार नहीं आ पाएगा और ऐसे हादसे होते रहेंगे|
वैसे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस हादसे का कारण इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव बताया है लेकिन उनका कहना है जब तक जांच की सही रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता| खैर! जांच में क्या आता है ये तो तभी पता चलेगा लेकिन मुझे लगता है कि :
यह हादसा बेहद दुखद घटना है जिसके बारें में राजनीती न करते हुए बस इतना सोचना चाहिए कि आने वाली ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जाये| रेल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए, और सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे हादसे बार-बार न हों ताकि मानव जीवन सुरक्षित रह सके|
