मुझे लगता है कि लड़कियों की तुलना में लड़कों की भावनाएं कम होती हैं, महिलाओं की तुलना में पुरुषों के आत्महत्या करने की संख्या के सफल होने की संभावना नंबर एक है।
लड़का और लड़की में ज्यादा इमोशनल कौन होता है?
ऐसे लड़के भी है जो जल्दी भावुक हो जाते है और ऐसी लड़किया भी होती है जिनमे कोई भी फीलिंग्स नहीं होती और उसका उल्टा भी होता है।
क्या आप जानते हैं कि लड़का और लड़की में ज्यादा इमोशनल कौन होता है नहीं जानते होंगे आइए हम आपको बताते हैं। इमोशनल हो ना किसी जेंडर पर निर्भर नहीं करता। इसलिए यह कहना मुश्किल होगा कि लड़का या लड़की कौन ज्यादा इमोशनल होती है। एक रिसर्च में पाया गया है कि लड़के सबसे ज्यादा इमोशनल होते हैं चाहे वह बाहर से कितने भी कठोर क्यों ना हो लेकिन वह अंदर ही अंदर बहुत ही दुखी होते हैं लेकिन वह लोगों के सामने अपना दुख दिखाते नहीं है। इसके अलावा लड़कियां भी काफी इमोशनल होती है। और उनका दिल नाजुक होता है इसलिए उनका दुख बाहर दिखाई देने लगता है।
लड़की और लडके मे सबसे ज्यादा इमोशनल लड़कियां होती है क्योंकि लड़कियां छोटी -छोटी बातो मे इमोशनल हो जाती है। लड़कियों कोई कुछ बोल देता है तो वह जल्दी इमोशनल हो जाती है और रोने लगती है, लड़कियो का दिल फूल की तरह नाजुक होता है लड़कियां ज्यादातर अपने प्रेम के प्रति बहुत जल्दी इमोशनल हो जाती है यदि वह किसी लडके के प्रेम मे पड़ती है, उनका प्रेमी गुस्से मे लड़की को कुछ बोल देता है तो वह इमोशनल होकर रोने लगती है।

आज हम जानेंगे कि लड़का और लड़की में कौन ज्यादा इमोशनल होता है। यह सवाल अक्सर पूछा जाता है, लेकिन इसका जवाब सीधा और एक जैसा नहीं होता। भावनाएं हर इंसान में होती हैं, चाहे वह लड़का हो या लड़की। फर्क केवल इतना होता है कि लोग अपनी भावनाओं को अलग-अलग तरीके से व्यक्त करते हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि लड़कियां अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करती हैं, जबकि कई लड़के अपनी भावनाओं को अंदर ही रखते हैं। इसी कारण लोगों को लगता है कि लड़कियां ज्यादा इमोशनल होती हैं।
लेकिन सच्चाई यह है कि दोनों ही समान रूप से भावनात्मक हो सकते हैं, बस उन्हें व्यक्त करने का तरीका अलग होता है। इसलिए किसी एक को ज्यादा इमोशनल कहना पूरी तरह सही नहीं है।





