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Sweety Sharma

fitness trainer at Gold Gym | पोस्ट किया | ज्योतिष


क्या वास्तु शाश्त्र के हिसाब से घर मे रखे जूते-चप्पल की भी दिशा निर्धारित होती है ?


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Content Writer | पोस्ट किया


नमस्कार स्वीटी जी, आपका सवाल बिलकुल सही है | क्योकि वर्तमान मे इंसान वास्तु शस्त्र के हिसाब से घर बनवा रहा है और कही कही थी तो कुछ चीजे लगा कर वास्तु शाश्त्र का पालन करता है | पर कोई रोजाना प्रयोग होने वाले जूते - चप्पल की सही दिशा नहीं जानता |

                        ज्यादातर लोग ऑफिस अथवा बाजार से लौटकर, बिना जूते-चप्पल उतारे ही घर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं या उन्हें पहनकर पूरे घर में घूमते रहते हैं। जूते-चप्पल पहनकर घर में घूमना वैज्ञानिक दृष्टि से तो गलत है ही, धार्मिक दृष्टि से भी अशुभ होता है। हिंदू धर्म में घर के भीतर जूते पहनकर आना गलत माना गया है। शास्त्रों के मुताबिक, हर घर में एक मंदिर स्थापित होता है, जिसमें दैवीय शक्तियों का वास होता है। घर में जूते पहनकर आने से यह स्थान अपवित्र हो जाता है। रसोई  प्रत्येक घर का मुख्य स्थान होता है, जिसमें अन्न, जल, अग्नि तीनों होते हैं। हिंदू धर्म में इन्हें देवता माना गया है। रसोई में जूते या चप्पल पहनकर घूमने से ये देवता नाराज हो सकते हैं। इससे अन्न की देवी अन्नपूर्णा भी नाराज होती हैं और अन्न के भंडार में कमी आती है।

                   घर में इधर-उधर फैले जूते-चप्पल भी दरिद्रता लाते हैं। इन्हें व्यवस्थित ढंग से, पश्चिम दिशा की ओर ही रखना सही होता है। जो जूते-चप्पल उपयोग के न हों, उन्हें घर में न रखें या किसी गरीब को दे दें । पुराने जूते-चप्पल रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। ऐसा करने से शनि देव का प्रकोप होता है। जिस घर में पुराने जूते-चप्पल जमा रहते हैं, वहां शनि की अशुभता का प्रभाव रहता है। शनि को पैरों का कारक माना गया है, इसलिए पैरों से संबद्ध किसी भी वस्तु को साफ-सुथरा और यथाक्रम रखना चाहिए। किसी से जूते उपहार में नहीं लेने चाहिए अन्यथा उसका अभाग्य आपके भाग्य को कमजोर कर सकता है।



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यदि भारतीय वास्तुशास्त्र की बात करे तो घर के अंदर मौजूद हर वस्तु का अपना एक महत्व होता है। और वस्तु को सही व सुनिश्चित स्थान पर रखने से हमें उसका सकारात्मक फल मिलता है। वहीं दूसरी ओर यदि घर के अंदर वस्तुओं को  विपरीत दिशा में रखने से इनका हमें नकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलता है। जूते चप्पल जो कि हमारी आम जरूरत है  उन्हें भी हमें सुनिश्चित दिशा में रखना चाहिए। 
 शायद यह जानकर आपको हैरानी होगी कि जूतों को विपरीत दिशा में रखने से यह सफलता में बाधक भी बन सकते है।
 केवल इस दिशा में रखने चाहिए जूते चप्पल
वास्तुशास्त्र के मुताबिक जूते चप्पलों को रखने की सही दिशा दक्षिण या घर की पश्चिम दिशा है। परंतु जूतों को रखने के लिए भी आपके पास  एक छोटी सी लकड़ी की अलमारी या एक जूता रखने वाला स्टैंड होना चाहिए। अगर आप जल्दबाजी मे घर मे आ रहे है तो ध्यानपूर्वक दक्षिण  पश्चिम दिशा में ही अपने जूते चप्पल उतारे।
 पूर्व या उत्तर दिशा में जूते चप्पल रखना घर में बढ़ाता है नकारात्मक ऊर्जा। इसलिए केवल पश्चिम या दक्षिण दिशा में ही जूते चप्पल उतारे।
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हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कौन सी वस्तु किस तरह से और किस दिशा में होनी चाहिए यह विशेष तरीके से बताया गया है इसमें जूते चप्पलों पर कहां गया हैं जूते चप्पल हमेशा घर के पश्चिम दिशा में होने चाहिए इससे नकारात्मक शक्तियां दूर रहती है यदि अगर हम पूर्व दिशा या दहलीज पर जूते चप्पलों को उतारते हैं तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है जिससे घर में अशांति वह क्लेश का माहौल बनता है वही जूते चप्पलों का घर में बिखरे रहना यह असभ्यता का प्रमाण है जोकी समाज को एक अशिक्षित वह असभ्य घर होने का प्रमाण भी देता है वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में फटे पुराने चप्पल बिखरे रहना भी दरिद्रता का एक मूल कारण है वास्तु शास्त्र यह भी कहता है कि जिस घर में फटे पुराने जूते चप्पल बिखरे रहते हैं उस घर में लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती है और शनि का कु प्रभाव बना रहता है तथा घर की उन्नति अवनति भाग्य दुर्भाग्य पर पर भी प्रभाव डालता है इसलिए वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि घर में जूते चप्पलों को हमेशा पश्चिम दिशा में रखा जाए तथा यह घर के मुख्य द्वार पर नहीं होने चाहिए    Letsdiskuss




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student | पोस्ट किया


हम सभी को अपने घर में जूते चप्पलों को सही दिशा में रखना चाहिए क्योंकि इन्हें हम सही दिशा में ना रखे तो इनसे हमारे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर जाती है जिससे हमारे घर में क्लेश हो दरिद्रता का प्रभाव पैदा होता है । 

आइए जानते हैं कि घर में जूते चप्पल इधर-उधर बिखरे रहने से हमारे घर के सदस्यों के बीच में आपसी संबंध खराब और लाइने एक दूसरे के प्रति ऐसा पैदा होती है इसलिए घर में एक ही दिशा को एक ही स्थान निर्धारित कर उसी जगह पर जूते-चप्पल रखें होने चाहिए

अगर हां आपके पास घर पर रहने के लिए एक ही कमरा है जिसमें सब लोग एक साथ रहते हो तो उचित ध्यान दें उत्तर या पूर्व की दीवार की ओर जूते चप्पल का संग्रह ना करें यानी जूते चप्पल वहां पर नहीं उतारे

कई बार ऐसा हो जाता है कि जाने अनजाने में हम लोग जूते चप्पलों को घर में सही जगह ना रखकर अच्छे वास्तु को भी खराब कर लेते हैं सही जगह ना रख कर अच्छी वस्तु को भी खराब कर लेते हैं या कई बार घर में मेहमान आ जाते हैं या आने जाने वाले लोग अपने जूते चप्पलों के साथ नकारात्मक ऊर्जा घर में लेकर ना आ जाए इसलिए घर के मुख्य दरवाजे के बाहर जूते चप्पल उतारे इसे वास्तव में उचित माना गया है

हम लोगों को ध्यान यह भी देना होगा कि किसी वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य शुभ अवसर पर हमें जो उपहार देते हैं उनमें कभी जूते चप्पल नहीं लेनी चाहिए नहीं तो घर में आर्थिक समस्या शुरू हो जाएगी। 

और हां एक महत्वपूर्ण बात जो अलमारी या जिस स्थान पर आप अपना धन संग्रह करते हैं उस जगह या अलमारी के नीचे जूते चप्पल का रेगिस्तान कभी नहीं बनाए भूलकर भी नहीं बनाना चाहिए नहीं तो लक्ष्मी नहीं आएगी वह धन का नाश होता जाएगा आपको यह भी ध्यान देना होगा कि जूते चप्पलों की अलमारी मुख्य द्वार से कुछ दूरी पर होनी चाहिए अगर अगर ऐसा होगा तो  अच्छा रहेगा जूते चप्पलों की दूरी मुख्य द्वार से कम से कम चार पांच फट दूर होनी चाहिए जिसस किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक ऊर्जा आपके घर पर प्रवेश  ना कर सके। और अगर आपके घर पर किसी भी स्थान पर जूते चप्पल अगर उल्टे हुए पड़े हैं तो ज्यादातर कोशिश करनी चाहिए कि वह जूते चप्पल ज्यादा लोगों को ना दिखे  इससे यह होता है कि किसी के भी बनते काम बिगड़ जाते हैं

और एक बेहद महत्वपूर्ण बात शनि देव पैरों के कारण होते हैं अगर जिन लोगों पर शनिदेव का प्रकोप नजर आ रहा होता है तो उन लोगों को शनिवार के दिन जूते चप्पलों को कुछ निर्धन लोगों को यानी गरीब लोगों को दान देने चाहिए वह जूते चप्पल शनिवार के दिन दान देने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है जिससे आपके घर में स्वास्थ्य व धन संबंधित समस्याओं में तुरंत अच्छा प्रभाव नजर आने लगेगा। 

आपके जूते चप्पल नहीं है आपने उन्हें ज्यादा प्रयोग में नहीं लाए हैं तो उन्हें अपनी अलमारी या कवच के नीचे नहीं रखना चाहिए। और आप कहीं से भी आए तो अपने जूते चप्पलों को मुख्य द्वार के कुछ दूर ही उतारे जिससे कि आपके घर पर नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता ना आए और यह कोशिश करें कि घर पर जूते चप्पलों को इधर-उधर बिखरे नहीं रहने दे इससे बनता हुआ वास्तु भी बहुत बिगड़ जाता है। वास्तु में जूते चप्पल इधर-उधर बिखरे रहने का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता हैLetsdiskuss





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Student | पोस्ट किया


वर्तमान समय में इंसान वास्तु शास्त्र के हिसाब से कुछ भी कार्य नहीं करता है।वह वास्तु शास्त्र के हिसाब से अपना घर, दुकान,मंदिर आदि बना रहा है। वह कोई तो अपने घर में वास्तु शास्त्र के हिसाब से अपने घरों को सजाते व वास्तु शास्त्र का पालन करते हैं।

 पर हमारे घरों में रोजाना प्रयोग होने वाले जूते चप्पल हैं ज्यादातर लोग ऑफिस अथवा बाजार से लौटते वक्त बिना जूते चप्पल उतारे ही घर के भीतर चले जाते हैं या पूरे घर पर घूमते हैं वो लोग जूते चप्पलों को रखने की सही दिशा भी नहीं जानते। जूते चप्पल पहन कर घर में घूमना वैज्ञानिक दृष्टि से तो गलत है वह धार्मिक मान्यता की दृष्टि से भी अशुभ माना जाता है।हिंदू मान्यता के हिसाब से घर के भीतर जूते चप्पल पहनकर आना गलत माना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक सभी के घरों में मंदिर तो स्थापित होते हैं जिसमें हमारे कुल देवताओं व देवी शक्तियों का वास होता है।ज़ब लोग घर में जूते पहन कर आते हैं वह स्थान अपवित्र हो जाती है दूसरे नंबर पर हमारी रसोई आती है जिसमें हमारे भोजन, जल,अग्नि तीनों होते हैं। हिंदू धर्म में इन्हें देवता माना गया है। रसोई घर में जूते या चप्पल पहन कर घूमने से हमारे देवता नाराज हो सकते हैं वह अत्र की देवी अन्नपूर्णा भी नाराज हो सकती है। हमारे घर के अत्र भंडार में इससे कमी आ सकती है।

 हमारे घर में इधर-उधर फेले जूते चप्पल हमारे घर पर दरिद्रता लाते हैं। जिन्हें हमें व्यवस्थित ढंग से पश्चिम दिशा की ओर रखना चाहिए। अगर हमारे घर में पुराने जूते चप्पल हो तो उन्हें हमें या फेंक देनी चाहिए या किसी गरीब को उसे दे देनी चाहिए। पुराने जूते चप्पल रखने से नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। जिससे घरों में शनि का प्रकोप बना रहता है वह कभी भी जूते उपहार मैं नहीं लेना चाहिए जो हमारे भाग्य को अभागी कर सकता है। Letsdiskuss



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Youtuber | पोस्ट किया


वास्तु -शास्त्र के अनुसार घर के इस दिशा में जूते चप्पल ना उतारे 

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हिंदू धर्म अनेकों मान्यताओं के कारण विश्व भर में प्रचलित है। हिंदू धर्म में जब बच्चे का जन्म होता है तो बच्चे के जन्म से लेकर मृत्यु तक अनेकों ऐसी मान्यताएं हैं जिन मान्यताओं के अनुसार यदि हिंदू धर्म के लोग चलते हैं तो ऐसा माना जाता है कि घर में सुख शांति होती है और ऐसा भी माना जाता है कि अगर इन मान्यताओं को ना माना गया तो यह हमारे लिए नुकसानदायक भी होती हैं।


ऐसे ही एक मान्यता है कि जब हम अपने घर में प्रवेश करते हैं तो जूते -चप्पलों को या तो बाहर उतार के आए या फिर  घर के पश्चिम दिशा में जूते-चप्पलो को उतारे।  अगर हम जूतों -चप्पलों को पूर्व दिशा,  उत्तर दिशा की ओर रखते हैं तो इससे हमारे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा जूतों को घर की दहलीज में भी नहीं उतारना चाहिए,  वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगर जूतों को घर की दहलीज में या उत्तर दिशा की ओर उतारा जाए तो घर में अशांति का माहौल फैल जाता है। हिंदू धर्म में हर एक वस्तु को रखने की  एक उचित दिशा बताई गई है, इसीलिए इन नियमों का पालन करने से घर में  सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है ऐसा हिंदू धर्म शास्तत्रो के अनुसार बताया गया है।



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