हिन्दू मान्यताओं के अनुसार श्री राधा जी का विवाह रायाण (या अयन/अभिमन्यु) नामक व्यक्ति के साथ हुआ था, जिन्हें कुछ ग्रंथों में गोप भी बताया गया है। हालांकि धार्मिक दृष्टि से श्री राधा और भगवान कृष्ण का प्रेम सर्वोच्च और आध्यात्मिक माना जाता है।
कई भक्तों के अनुसार राधा और कृष्ण का संबंध सांसारिक विवाह से परे, एक दिव्य और आत्मिक मिलन का प्रतीक है। इसलिए भले ही शास्त्रों में राधा जी का विवाह किसी और से बताया गया हो, लेकिन भक्तों के लिए राधा-कृष्ण का संबंध सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है।





