मानव अपने जीवन में अनेकों लक्ष्य को देखता व उनके बारे में सुनता है। जिस कारण उसे अपना लक्ष्य चुनने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए मानव को अपनी कुशलता अनुसार अपना एक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। परंतु इन सब से भी बढ़कर इस दुनिया में एक लक्ष्य है और वह लक्ष्य है स्वयं का मूल्यांकन कर वास्तविकता को जानना। ईश्वर के द्वारा बनाए गए इस संसार में स्वयं का अस्तित्व जानना, जीवन का एक परम लक्ष्य है।
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