हमारे देश के सभी हिंदू शाकाहारी नहीं है क्योंकि वह अपने अनुसार ही अपना भोजन करते हैं चाहे वह शाकाहारी हो या फिर मांसाहारी! पहले हमारी हिंदू सभ्यता में लोगों को दूसरे जीव का मांस खाना पाप समझा जाता था , क्योंकि पहले के ऋषि मुनि कहते थे की अगर कोई व्यक्ति किसी का मांस खाते हैं तो उसे राक्षस के समान माना जाता है! पहले हमारे हिंदू धर्म में मांस नहीं खाया जाता था! लेकिन अब यह परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती नजर आ रही है! हर लोग अपनी सभ्यता को भूलते जा रहे हैं!





