हां यह बात सही है कि धरती पर सबसे खतरनाक जीव है तो वह इंसान ही है यह बात मनुष्य ने अपनी क्रूरता से बार बार साबित भी किया है क्योंकि मनुष्य ही एक ऐसा जीव है।क़ी वे हर जीव जंतुओं को को मारकर खाता है। और मनुष्यता का इतिहास धरती पर रहने वाले अन्य प्राणियों प्रजातियां नष्ट करने से भी भरा पड़ा हुआ है। और पर्यावरण प्रदूषित करने का कारण सबसे ज्यादा मानव ही है इस संसार में हमारे पर्यावरण पृथ्वी को प्रदूषित करने में मनुष्य के अलावा कोई भी जीव नहीं है अर्थात कहा जाए कि मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जो सबसे खतरनाक है मनुष्य किसी भी जीव जंतु पक्षी प्राणी से नहीं डरने वाला नहीं है.।
क्या मनुष्य ही ग्रह पर सबसे खतरनाक जानवर हैं?
इस जहां में सबसे बुद्धिमान इंसान ही होता है लेकिन सबसे खतरनाक भी इंसान ही होता है क्योंकि मनुष्य अपनी क्रूरता सदियों से दिखाते चलाया रहा है मनुष्य अन्य प्रजातियों को नष्ट करते आ रहा है केवल अपनी खुशी के लिए। क्योंकि आज मनुष्य ने इतनी तरक्की अपने दिमाग के चलते कर ली है मनुष्य के द्वारा ही धरती पर तरह तरह की सुख सुविधाएं प्रदान की गई है लेकिन मनुष्य में बहुत सी ऐसी बुरी आदतें हैं जिसकी वजह से हमारा पर्यावरण नष्ट होते जा रहा है अपनी खुशियों के लिए जीव जंतुओं को मार कर काटकर उसे खा लेते हैं पेड़ पौधों को काटकर अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं 1 दिन इसी गलती की वजह से पूरा पर्यावरण नष्ट हो जाएगा और धरती पर रहना मनुष्य के लिए असंभव हो जाएगा इसलिए मनुष्य को जानवर की भांति व्यवहार नहीं करना चाहिए।
मगर, ये आंकड़े फीके लगेंगे, जब आप ये जानेंगे कि धरती पर ऐसे बहुत से जीव हैं जो लाखों बरस से ज़िंदा हैं.
साइबेरिया, अंटार्कटिका और कनाडा के भयंकर सर्द माहौल में बर्फ़ की परतों के नीचे, कई बैक्टीरिया हैं, जो दसियों लाख साल से वहीं, वैसे के वैसे पड़े हैं. बल्कि मज़े में रह रहे हैं. ये कीटाणु, इतने सर्द माहौल में कैसे जी रहे हैं, ये बात अब तक किसी की समझ में नहीं आई. मगर, ये ज़रूर है कि अगर वो राज़ पता चल जाए, तो इंसान को भी अमर रहने की कुंजी मिल जाएगी.
हालांकि मनुष्य सभी प्राणियों में सबसे बुद्धिमान है, लेकिन यह भी सत्य है की इस पर्यावरण, पृथ्वी को जितना नुकसान मानव से हो रहा है, उतना नुकसान अन्य जीवों से नहीं हो रहा है
अतः मनुष्य इस पृथ्वी पर सबसे खतरनाक प्राणी है
हालांकि, मेरे विचार से मनुष्य को जानवरों की लिस्ट मे शामिल नहीं करनी चाहिए