क्या आपने सुना है कि बंदर लंगूर को देखकर भाग जाते हैं और जहां बंदरों का आतंक होता है वहां लंगूर को लाया जाता है तो बंदर आसपास भी नहीं भटकते हैं। यहां तक की आजकल सरकारी कार्यालय और घरों में भी लंगूर की मूर्ति, तस्वीर, लगाई जाती है इसे देखकर बंदर नहीं आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर बंदर लंगूर से इतना क्यों डरते हैं और फिर क्यों एक लंगूर के आने से 40- 50 बंदर उससे 100 मीटर दूर भागने लगते हैं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।
लंगूर के आते ही बंदर हो जाते हैं छूमंतर:-
जानवरो के बारे में जानकारी रखने वाले रवि प्रताप बताते हैं कि लाल मुंह वाले बंदर लंगूरों को दबंग प्रवृत्ति का मानते हैं। और इनसे डरते हैं। बंदर और लंगूर वैसे तो एक ही तरह के प्राणी हैं, दोनों ही पेड़ पर रहते हैं और उछल कूद भी करते हैं। लेकिन इन दोनों की आपस में तुलना की जाए तो लंगूर बंदर से ज्यादा फुर्तीला जानवर होता है इसलिए बंदर इनसे दूर रहना पसंद करते हैं।
और दूसरा कारण यह है कि लंगूर की बड़ी पूंछ, जी हां दोस्तों बंदर प्रजाति में पूछ का बड़ा महत्व होता है। क्योंकि बंदर और लंगूर अपनी पूंछ से पेड़ों पर लटक जाते हैं और कुछ भी पकड़ सकते हैं बंदरों के लिए पूछ का एक अलग ही जलवा होता है। इसके अलावा जब लंगूर किसी झड़प में उसे किसी हंटर की तरह भी इस्तेमाल कर सकता है यही वजह है कि बंदर लंगूर से डरते हैं और दूर भागते हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि लंगूरों को पालने से बंदर भाग जाते हैं लेकिन यह एक मिथक है लंगूर को रखना गैरकानूनी है हालांकि कुछ लोग वन विभाग से अनुमति लेकर लंगूर को पाल सकते हैं।






