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Rinki Pandey's avatar
Mar 12, 2026food-cooking

पहलवान अचार क्यों नहीं खाते ?

3 Answers
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@abhinavkumar4574Jul 11, 2022

पहलवान अचार इसलिए नहीं खाता है क्योंकि आचार खट्टा और तेल से बना हुआ मसालेदार होता है। यह सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। ज्यादा अचार खाने से लीवर में इंफेक्शन हो जाता है। अचार में तेल होता है जो लीवर को नुकसान पहुंचाता है और खाना डाइजेस्टिव करने में कठिनाई होती है। इसलिए पहलवान अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए अचार चटनी जैसी चीजों का सेवन बहुत ही कम करते हैं इसके अलावा वे तली भुनी और खट्टी चीजों का सेवन भी बहुत ही कम करते हैं।

दोस्तों पहलवान की ताकत उसकी मांसपेशियों में होता है इसलिए वे प्रोटीन मिनरल्स ऑफ़ विटामिन से भरपूर भोजन करते हैं। अगर उन्हें खट्टी चीजें सेवन करने की जरूरत होती है तो दही खाना पसंद करते हैं क्योंकि इसमें बैक्टीरिया रोधी होता है और प्रोटीन से भरा होता है।

Letsdiskuss

तो दोस्तों आप जान गए कि पहलवान अपनी सेहत के लिए फिक्र मद है इसलिए वह आचार जैसी चीजों को नहीं खाता है। दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ सब्जियों के आचार जैसे गोभी अदरक लहसुन कटहल इन सबके अचार उतना नुकसानदायक नहीं करते हैं इसलिए पहलवान इन्हें भी थोड़ा बहुत खा लेते हैं लेकिन अधिकतर पहलवान आचार से परहेज करते हैं।

कहा जाता है कि अधिक खट्टा खाने से पुरुषों में बनने वाले सेक्सुअल हार्मोन जिसको टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कहते हैं, यह बनना कम हो जाता है। इस कारण से मर्दानगी भी जा सकती है। सेक्सुअल पावर कम होने का कारण खट्टे पदार्थ और अधिक मीठे पदार्थ वाला खाना भी होता है। इस तरह के भोजन से हार्मोन डिसबैलेंस हो जाता है। हार्मोन शरीर के कई ग्रंथियों को संचालित भी करता है जैसे यह पुरुषों के लिए योन शक्ति बढ़ाने वाला भी होता है।

दोस्तों अब आपको पता चल गया होगा कि एक पहलवान ज्यादा खट्टी चीजें जैसे अचार चटनी इमली खटाई यह सब क्यों नहीं खाता है क्योंकि यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं जबकि पहलवान अपने शरीर पर बहुत ध्यान देते हैं। हरी साग सब्जी और उबली हुई सब्जियां खाना ज्यादा पसंद करते हैं, जिससे लिवर आसानी से डाइजेस्ट कर लेता है।

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@krishnapatel8792Jul 11, 2022

क्या आप लोगों ने यह बात सुनी है कि पहलवान लोग अचार क्यों नहीं खाते हैं? यदि नहीं सुनी है तो आज यहां पर मैं आपको बताती हूं कि आखिर पहलवान लोग अचार क्यों नहीं खाते है। दरअसल अचार इतना खट्टा होता है तथा तेल में मिलाकर बनाया जाता है और मसाले से बनाया जाता है इसलिए पहलवान लोग आचार नहीं खाते क्योंकि ज्यादा मसाला और खट्टा खाने से पहलवान लोगों की तबीयत खराब हो सकती है और उनका डाइजेस्टिव सिस्टम भी खराब हो सकता है। इसलिए पहलवान लोग अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए अचार जैसी चीजों का सेवन नहीं करते हैं।Article image

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@rameshkumar7346Mar 12, 2026

पहलवानों के आहार और उनकी जीवनशैली में अनुशासन का बहुत महत्व होता है। अक्सर यह देखा गया है कि अखाड़े में उतरने वाले पहलवान अचार से परहेज करते हैं। इसके पीछे कई स्वास्थ्य संबंधी और व्यावहारिक कारण छिपे होते हैं।

पहलवानों द्वारा अचार न खाने के मुख्य कारण:

  • खटाई और गले की समस्या: अचार में सिरका और खटाई (जैसे अमचूर) की मात्रा अधिक होती है। पहलवानों का मानना है कि अधिक खटाई खाने से गला खराब हो सकता है और शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन कम हो जाता है। कुश्ती के लिए शरीर का चुस्त और लचीला होना अनिवार्य है।
  • हड्डियों और जोड़ों पर प्रभाव: आयुर्वेद और पारंपरिक कुश्ती परंपराओं के अनुसार, अत्यधिक खट्टा और तीखा भोजन हड्डियों को कमजोर कर सकता है और जोड़ों में दर्द या जकड़न पैदा कर सकता है। पहलवानों को भारी वजन उठाना और दांव-पेच लगाने होते हैं, जिसके लिए मजबूत जोड़ों की आवश्यकता होती है।
  • पानी की कमी (Dehydration): अचार में नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। अधिक नमक शरीर में पानी की कमी कर सकता है और प्यास बढ़ाता है, जो अभ्यास (Practice) के दौरान रुकावट पैदा करता है।
  • पाचन और पित्त: पहलवान दूध, घी और बादाम जैसे भारी आहार लेते हैं। अचार जैसा तीखा और मसालेदार भोजन पाचन तंत्र में 'पित्त' बढ़ा सकता है, जिससे सीने में जलन और एसिडिटी हो सकती है।

निष्कर्ष: पहलवानों के लिए उनका शरीर ही उनकी पूंजी है। इसलिए, वे ऐसे किसी भी खाद्य पदार्थ से बचते हैं जो उनकी ताकत, स्टेमिना या मांसपेशियों के विकास में बाधा डाले। सात्विक और पौष्टिक आहार ही उनकी असली शक्ति का राज है।

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