क्या को -वैक्सीन कोरोना वाइरस के डेल्टा वैरिएंट को भी बेअसर कर सकती है?
पहले कोरोनावायरस और अब इस कोरोनावायरस के खतरनाक रूप सरकार के साथ-साथ शोधकर्ताओं की भी चिंता बढ़ा रहे हैं। भारत में आए कोरोनावायरस का एक नया रूप डेल्टा वैरिएंट के बाद डेल्टा प्लस वैरीएंट सामने आए हैं जोकि कोरोनावायरस के एक रूप अल्फा से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है।
कोरोनावायरस का डेल्टा वैरिएंट अभी 11 देशों में सक्रिय है और भारत की अति बात करें तो भारत में हां महाराष्ट्र केरल तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में सक्रिय हो चुका है। इन सभी राज्यों में डाटा प्लस वैरिएंट के अभी तक 40 मामले सामने आए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या भारत में बनी कोवैक्सीन कोरोनावायरस की डेल्टा वैरीएंट को भी बेअसर कर सकती है। आज हम इस लेख में इस बात की सच्चाई को जानेंगे कि क्या भारत में बनी कोवै क्सीन कोरोनावायरस के डेल्टा वैरीएंट और डेल्टा प्लस वैरिएंट को बेअसर कर सकती है या नहीं?
भारत में पाए गए कोरोनावायरस के नए रूपों डेल्टा वैरिएंट और डाटा प्लस वेरिएंट को वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस के अल्फा से ज्यादा खतरनाक बताया है। लेकिन जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारत की कोवैक्सीन कोरोनावायरस के अल्फा और डेल्टा पर भी असरदार है, और कोरोनावायरस के इन रूपों से लड़ने में सक्षम है।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी(N. i. v)और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) इस पर यह अध्ययन किया जा रहा है कि भारत बनी को वैक्सीन डेल्टा वैरीएंट और डेल्टा वैरिएंट प्लस के खिलाफ असरदार है या नहीं।
दोस्तों जानकारी के लिए आपको बता दें की N.I. V मैक्सिमम कंटेनमेंट फैसिलिटी की प्रमुख डॉ प्रज्ञा यादव ने बताया कि भारत में बनी कोवैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ लड़ने में
असरदार साबित हुई है तो वहीं अगर डेल्टा प्लस वैरिएंट की बात करें को वैक्सीन इस पर कम असरदार साबित हुई है।
इसके अलावा N. I. है का कहना है कहना हैं की को वैक्सीन
कोरोना के गंभीर संक्रमण पर 100% सिम्प्टोमैटिक इंफेक्शन से लड़ने के लिए 78%, और एसिम्प्टोमैटिक इंफेक्शन के खिलाफ 70% प्रभावी साबित हुई है।
