भाषाओं में एक ही वस्तु के अलग-अलग नाम होते हैं, और संस्कृत में भी फलों के विशेष नाम मिलते हैं।
केले को संस्कृत में कदली कहा जाता है। यह शब्द प्राचीन ग्रंथों और आयुर्वेद में भी मिलता है, जहां केले के गुणों का वर्णन किया गया है।
कदली का उपयोग केवल फल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे केले के पौधे के लिए भी किया जाता है। भारतीय परंपरा और पूजा-पाठ में भी कदली का विशेष महत्व माना जाता है। यह शब्द संस्कृत भाषा की समृद्धता और प्राचीन ज्ञान को दर्शाता है।
केले का संस्कृत नाम कदली है, जो प्राचीन समय से उपयोग में आता रहा है।
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