मोदी सरकार ने फिर से एक बार दिल्ली गद्दी संभाल ली है और नए मंत्रियों का चयन भी कर लिया है। वैसे तो मोदीजी हर बार यही करते है की मंत्री चाहे कोई भी हो काम तो मोदीजी ही करेंगे चाहे विदेशमंत्री हो या गृहमंत्री या फिर वित्तमंत्री। इस बार विदेश मंत्री के तौर पर एस जयशंकर के नियुक्ति की गई है जो की इस मंत्रालय से काफी वक्त से जुड़े हुए भी है और उन्हें मंत्रालय का अनुभव भी है।
सौजन्य: हिन्दू
एस जयशंकर की इस पद पर नियुक्ति काफी अहम मानी जाती है क्यूंकि काफी सारे इंटरनेशनल मसलो में उन्होंने अपने अनुभव के जोर पर अहम भूमिका निभाई है।
वैसे इस पद पर सुष्मा स्वराज भी एक अनुभवी मंत्री थे पर उन्होंने क्या क्या किया यह पूरा देश जानता है। मोदीजी को किसीभी ऐसे मंत्री या ब्यूरोक्रेट से जमता नहीं है जो अपने हिसाब से काम करे। यही वजह है की काफी सारे बुद्धिजीवियों ने उनका साथ छोड़ दिया है। अब ऐसे में एस जयशंकर कितना और किस तरह काम कर सकते है वो तो आगे पता चलेगा पर उनकी इस पद पर नियुक्ति एक अच्छी बात है। शायद अब इंटरनॅशनल लेवल पर भारत और मजबूत होगा। भारत के सामने अभी ईरान और अमेरिका के मसले है जिस में एस जयशंकर की अग्नि परीक्षा हो सकती है।