अगर हम कभी इस बात को सोचने बैठे कि समुद्र कितना गहरा होता है तो शायद हम कभी अंदाजा भी नहीं लगा पायेंगें, हमारी सोच कभी भी समुद्र की गहराई का अंदाज़ा नहीं लगा पाएगी | समुद्र पृथ्वी से भी बड़ा और गहरा है, यहाँ तक की अगर हम पूरी पृथ्वी को तोड़ कर समुन्द्र में ड़ाल दें तो यह 2 मील तक ही डूबेगी | आमतौर पर हम जब समुद्र के 40 मीटर की गहराई में जाते हैं, तो वहां हम स्कूबा डाइविंग करते हैं | लेकिन जब हम 73 मीटर गहराई में जाते हैं तो समुद्र उतना गहरा होता है मानो ताजमहल और कुतुबमीनार को समुद्र में उल्टा डाल दिया हो. वहीं अगर आपको लुसितानिया जहाज के तलवे पर जाना है तो आपको 93 मीटर की गहराई तक जाना होगा. लेकिन 100 मीटर के आते ही लोगों को करने में कई मुश्किलें पैदा होने लगती है. इसका प्रमुख कारण यह है कि वहां डीकंप्रेशन सिकनेस होता है |
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