चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं चेक के कितने प्रकार होते हैं। उससे पहले हम आपको बता दे चेक की क्या होता है।
चेक बैंकों में प्रयोग किया जाता है जिसका उपयोग हम पैसों को जमा करने या निकालने में करते हैं। चेक एक प्रकार का कागज होता है जिसमें बैंक डिटेल्स भरकर और अपने अकाउंट का डिटेल्स भरकर उसमें जितने पैसे जमा करने होते हैं या निकालने होते हैं उसको भी भर बैंक के ग्राहकों को जमा किया जाता है।
चलिए अब हम आपको बताते हैं चेक कितने प्रकार के होते हैं। चेक स्थान, मूल्य और गारंटी के आधार पर कई प्रकार के होते हैं लेकिन मुख्यता चेक चार प्रकार के ही होते हैं।
चेक के प्रकार -
- बेअरर चेक - बेअरर चेक में रखने या ले जाने वाले व्यक्ति को पेमेंट किया जाता है। कहने का मतलब है कि यदि आप चेक को बैंक ले जा रहे हैं तो आपको पेमेंट जारी किया जा सकता है। पेमेंट करने की अनुमति के लिए बैंकों को जारिकर्ता से किसी अन्य प्राधिकरण की आवश्यकता नहीं होती है। बेअरर चेक मे बेअरर शब्द छापे होते हैं।
- ऑर्डर चेक - ऑर्डर चेक केवल उसी व्यक्ति को जारी किए जा सकते हैं जिसका नाम चेक पर लिखा होता है और बैंक पेमेंट जारी करने से पहले चेक धारक की पहचान को प्रमाणित करने के लिए उसकी बैकग्राउंड की जांच करता है।
- क्रॉस्ड चेक - इस प्रकार के चेक को चाहे कोई भी व्यक्तित्व प्रस्तुत करें लेकिन पेमेंट उसी व्यक्ति को किया जाएगा जिसका नाम चेक पर लिखा होता है।यह चेक सुरक्षित होता है क्योंकि इस चेक को केवल अदाकर्ता के बैंक में ही रिडीम किया जा सकता है।
- ओपन चेक - ओपन चेक को किसी भी बैंक में रिडीम किया जा सकता है और यह चेक चेक धारक व्यक्ति को पेमेंट किया जा सकता है।
- पोस्ट डेटेड चेक - इस चेक में जो तिथि उल्लेखित होती है उसके बाद वैध होता है लेकिन उस तिथि के पहले वैध नहीं होता है। इस प्रकार के चेक में रिडीम की तारीख बाद की तारीख होती है।
- बसी चेक- बसी चेक उसे कहते हैं जो जारी की गई तारीख के 3 महीने बाद अवैध हो जाता है।
इसके अतिरिक्त और भी चेक होते जैसे ट्रैवलर्स चेक, सेल्फ चेक, बैंकर चेक,इत्यादि होते हैं और इन चेकों का कार्य भी अलग होता है।



