
हम अपनी सफलता को बड़ा करने कि दौड़ में अपनी छोटी-छोटी खुशियों को खो रहे है,इस बारे में आपका क्या विचार है ?

सिमरन जी आपने बहुत ही अच्छा सवाल किया है कि हम अपनी सफलता को बड़ा करने के दौर में छोटी-छोटी खुशियों को खोते जा रहे हैं जी हां बिल्कुल हम अपनी सफलता के दौर में बडा बड़ा करने के लिए छोटी-छोटी खुशियों को खो देते हैं जैसे कि हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर इतने परेशान रहते हैं कि हम उनके जन्मदिन तक को भूल जाते हैं जिससे बच्चा हमसे खुश नहीं रह पाता और अंदर ही अंदर घुटन महसूस करने लगता है, अक्सर हम अपने ऑफिस के काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने बच्चों के लिए समय ही नहीं निकाल पाते। लेकिन हमें ऐसा नहीं करना चाहिए।

हम अपनी सफलता क़ो बड़ा करने की दौड़ मे अपनी छोटी -छोटी खुशियों क़ो खो रहे है, जैसे कि कई बार हमारे पास ऑफिस काम अधिक होने की वजह से हम आपने माता -पिता के साथ त्यौहार भी सही ढंग से नहीं माना पाते है, क्योकि छोटे -छोटे त्यौहारो क़ो मनाने से ही हमारे जीवन मे खुशियाँ आती है। इसलिए हमें हमेशा काम क़ो छोड़कर अपनी फैमिली वालो के साथ हर एक छोटे -छोटे त्यौहार या फिर फैमिली मे किसी का जन्मदिन हो, उसे भी अच्छे से सेलिब्रेट करना चाहिए।





