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वर्तमान जीवन काल्पनिक है या सच्चाई बताइए ?

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Updated on May 22, 2026

नमस्कार ब्रिज जी, आपका सवाल आज के समय के लिए बहुत महत्व पूर्ण है | ये तो सही है के वर्तमान समय मे लोग काल्पनिक जीवन जीते है क्योकि उनके पास वास्तविकता के लिए समय नहीं है | और न ही वो वास्तविकता को समय देना चाहते है क्योकि मनुष्य ने अपने चारो और एक कल्पना की दुनिया बना ली है जिसमे उन्होंने खुद को ढाल लिया है |

आज के वर्तमान समय मे मनुष्य काल्पनिक जीवन जी रहा है | आज के समय में जीवन की सच्चाई सिर्फ 30 प्रतिशत है | और सिर्फ 70 प्रतिशत इंसान काल्पनिक जीवन जी रहा है क्योकि वो जीवन की सच्चाई को न तो समझना चाहता है और न ही उसका सामना करना चाहता है | इसके लिए मनुष्य जिम्मेदार नहीं है वो मजबूर है क्योकि उसके पास समय का इतना अभाव है के वो समय ही नहीं दे पता | ये सचाई उनको समय के सच से वाकिफ नहीं करवा पा रही है कि वो औरो के साथ साथ खुद से भी दूर जा रहा है | इंसान अपनी ज़िंदगी में अपने आपको इतना व्यस्त रखना चाहता है के वो किसी से मतलब नहीं रखना चाहता और कई बार तो उसको इतना समय नहीं मिलता के वो अपने लिए भी समय निकल सके |

लोग इतना व्यस्त हो गए है की उनको हर काम करा हुआ मिलना चाहिए | जहाँ काम खुद करना होता है वहाँ वो लोग परेशान हो जाते है | और अपनी परेशानी काम करने के लिए वो उस काम को किसी और को सौंप देते है | लोग अपने ही काम मे इतना व्यस्त है के वो किसी और बारे मे सोच ही नहीं पा रहे है |

आज कल कि व्यस्त ज़िंदगी मे अपने लिए थोड़ा सा समय निकलना थोड़ा मुश्किल है पर अपनी व्यस्त ज़िंदगी मे थोड़ा सा सुकून चाहने के लिए आपको किसी चीज कि जरूरत नहीं बस थोड़ा सा अपने और अपनों के लिए समय निकले | क्योकि व्यस्त ज़िंदगी मे अगर आप अपने किसी से बात नहीं करते तो आप चाहो किसी के लिए कुछ भी कर लो पर उनको ख़ुशी नहीं दे पाओगे |

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Answered on May 13, 2026

Honestly, ये question ज्यादा philosophical लगता है। कुछ लोग मानते हैं कि life पूरी reality है जिसे हम emotions, experiences और relationships के जरिए महसूस करते हैं। वहीं कुछ spiritual beliefs कहते हैं कि दुनिया temporary illusion जैसी है। Science practical reality पर focus करता है जबकि philosophy और spirituality deeper meaning ढूंढने की कोशिश करते हैं। हर इंसान का perspective अलग होता है। कई लोग difficult phases में life को unreal या meaningless feel करते हैं जबकि happy moments में वही life बहुत real लगती है। शायद इसी वजह से ये सवाल सदियों से लोगों को सोचने पर मजबूर करता रहा है।

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